पशुपालन व प्रबंधन प्रशिक्षण : पशुओं में नस्ल सुधार की विधियां बताई
पशुपालन व प्रबंधन प्रशिक्षण : पशुओं में नस्ल सुधार की विधियां बताई
राजस्थान

पशुपालन व प्रबंधन प्रशिक्षण : पशुओं में नस्ल सुधार की विधियां बताई

news

जोधपुर, 07 नवम्बर (हि.स.)। पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रशिक्षण व अनुसंधान केन्द्र पर भारतीय कृृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली की अनुसूचित जाति-उपयोजना व प्रमुख अन्वेषक, पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रशिक्षण व अनुसन्धान केन्द्र राजुवास बीकानेर की ओर से दो दिवसीय वैज्ञानिक पशुपालन एवं प्रबन्धन विषय पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। केन्द्र के प्रभारी डॉ. टीकम गोयल ने उन्नत डेयरी फार्मिंग व डेयरी पशुओं की आवास व्यवस्था के बारे में जाानकारी दी। मुख्य अतिथि पशुपालन विभाग के पूर्व संयुक्त निदेशक डॉ. सोहेल अहमद काजी ने पशुपालकों को व्यवसायिक पशुपालन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने डेयरी पशुओं में होने वाली उपापचयी बीमारियों व प्रमुख संक्रमित बीमारियों तथा पशुओं में नस्ल सुधार करने की विधियां बताई। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आदित्य गोदारा ने बकरी पालन व बकरियों में होने वाली प्रमुख बीमारियों व बचाव के बारे में जानकारी दी। डॉ. अमित कुमार चोटिया ने वर्मीकम्पोस्ट तैयार करने की विधि बताई। डॉ. महेन्द्र पाल पूनिया ने पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान के महत्व के बारे में बताया। अंत में पशुपालकों को प्रशिक्षण मार्गदर्शिका व प्रशिक्षण प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। शिविर में 13 महिला पशुपालकों सहित 34 पशुपालकों ने भाग लिया। हिन्दुस्थान समाचार/सतीश / ईश्वर-hindusthansamachar.in