पंचायत चुनाव में पहली बार ग्रामीणों को मिलेगा वार्ड पंचों के लिए छपा हुआ मतपत्र
पंचायत चुनाव में पहली बार ग्रामीणों को मिलेगा वार्ड पंचों के लिए छपा हुआ मतपत्र
राजस्थान

पंचायत चुनाव में पहली बार ग्रामीणों को मिलेगा वार्ड पंचों के लिए छपा हुआ मतपत्र

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जयपुर, 12 सितम्बर (हि. स.)। राजस्थान में शेष रहे 27 जिलों के पंच और सरपंच पद के 3 हजार 848 पदों के लिए चुनाव इस बार कोरोना के साये में होंगे। कोरोना महामारी के संक्रमण के चलते इन चुनावों के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने कई अहम बदलाव किए हैं। इसके तहत यह पहला मौका होगा, जब ग्रामीणों को वार्ड पंचों के लिए छपा हुआ मतपत्र दिया जाएगा। इससे पहले तक वार्ड पंच के चुनावों के लिए मतदानकर्मियों को मतपत्र पर उम्मीदवारों के नाम हाथ से लिखने पड़ते थे। सरपंच का चुनाव ईवीएम और वार्डपंच का चुनाव मतपत्र से होगा। कार्यक्रम के अनुसार इन पदों के लिए चुनाव 4 चरणों में करवाए जाएंगे। पहले चरण का चुनाव 28 सितंबर को होगा। दूसरा चरण 4 अक्टूबर, तीसरा चरण 6 अक्टूबर और चौथा चरण 10 अक्टूबर को पूर्ण होगा। राज्य में पंचायत चुनाव अप्रैल में प्रस्तावित थे, लेकिन कोरोना महामारी के संक्रमण के चलते लागू किए गए लॉकडाउन में चुनाव टाल दिए गए थे। कोरोना काल में पंचायतीराज चुनाव इस बार कुछ अलग होंगे। मतदान दल के कर्मचारियों की रात इस बार मतदान केन्द्र में ही काली नहीं होगी। पहले जहां एक साथ मतदान दलों को रवाना किया जाता था, लेकिन इस बार प्रथम चरण के तय कार्यक्रम के अनुसार मतदान से सात दिन पहले आरओ और सहायक आरओ की दो सदस्यीय टीम सम्बंधित ग्राम पंचायतों में जाएगी। प्रत्याशियों से नामांकन-पत्र प्राप्त करने के दूसरे दिन नामांकन-पत्रों की जांच के साथ ही नाम वापसी का होगी। इसके बाद उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह का आवंटन किया जाएगा। यह प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद आरओ और सहायक आरओ की दो सदस्यीय टीम मुख्यालय लौटेगी। इसके आधार पर सरपंच के लिए ईवीएम तैयार की जाएगी और वार्ड पंच के लिए मतपत्र छपवाया जाएगा। सरपंच का मतपत्र ईवीएम में लगेगा और वार्डपंच के नाम के आगे मोहर लगाई जाएगी। इस बार सरपंच और वार्ड पंच प्रत्याशियों को एक रात की जगह सात दिन का समय प्रचार-प्रसार करने के लिए मिलेगा। जबकि, पोलिंग पार्टियों को मतदान संबंधी प्रक्रिया के लिए भी एक सप्ताह का पूरा समय मिलेगा। सरपंच पद के लिए ईवीएम से मतदान कराने की व्यवस्था से मतों की गिनती में भी 15 से 20 मिनट का ही समय लगेगा। पहले शाम पांच-छह बजे तक मतदान प्रक्रिया के बाद मतदान कर्मियों को मतपत्रों की गिनती करनी होती थी। इस बार री.काउंटिंग कराने की स्थिति भी होगी, तब भी कुछ मिनटों में ही हो जाएगी। डाउनलोड आवेदन होगा मान्य सरपंच या वार्डपंच का चुनाव लडऩे जा रहे उम्मीदवारों को आवेदन तैयार करने के लिए अब मतदान दल के पहुंचने की राह नहीं देखनी पड़ेगी। आवेदन फार्म किसी भी ई-मित्र कियोस्क पर निर्वाचन आयोग की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकेगा। एनओसी के लिए भी उन्हें पंचायत समिति के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जनवरी 2020 में एनओसी लेने के बाद वही एनओसी अब भी मान्य होगी। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित-hindusthansamachar.in