निजी अस्पताल नजदीक के होटल को एमओयू कर बना सकेंगे कोविड केयर सेंटर
निजी अस्पताल नजदीक के होटल को एमओयू कर बना सकेंगे कोविड केयर सेंटर
राजस्थान

निजी अस्पताल नजदीक के होटल को एमओयू कर बना सकेंगे कोविड केयर सेंटर

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जयपुर, 05 सितम्बर (हि.स.)। राजस्थान में कोरोना के बिना लक्षणों वाले मरीजों को अब निजी चिकित्सालयों के समीप होटलों में स्थापित कोविड केयर सेंटर में स्थानांतरित किया जा सकेगा। निजी चिकित्सालयों को इसके लिए नजदीक स्थित होटल के साथ एमओयू कर उन्हें कोविड केयर सेंटर के रूप में अधिकृत करने के लिए संबंधित जिला कलक्टरों से अनुमति लेनी होगी। ऐसे मरीजों के लिए चिकित्सा विभाग ने तीन स्तर की दरें तय की है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव अखिल अरोरा ने शनिवार को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। आदेश में बताया गया है कि प्रदेश में कोरोना से उत्पन्न स्थिति के मद्देनजर राजकीय एवं निजी चिकित्सा संस्थानों में बिना लक्षण वाले संक्रमित मरीज भी भर्ती है। विशेषज्ञों से परामर्श के बाद यह जानकारी में आया है कि ऐसे मरीजों को किसी विशेष चिकित्सा उपचार की आवश्यकता नहीं होकर चिकित्सकीय पर्यवेक्षण की जरुरत होती है। ऐसे मरीजों को डेडीकेटेड कोविड अस्पताल में भर्ती करने की बजाय कोविड अस्पताल से सम्बद्ध कोविड केयर सेंटर में भर्ती किया जाना चाहिए। ऐसे मरीजों की वजह से चिकित्सा संस्थानों में अनावश्यक रूप से बैड कम पड़ रहे हैं। आदेश में कहा गया है कि ऐसे निजी अस्पतालों के निकट स्थित होटल से एमओयू कर संबंधित जिला कलक्टर की अनुमति से उन्हें कोविड केयर सेंटर बनाया जा सकता है। निजी चिकित्सालय ऐसे मरीजों को निर्धारित मापदंडों, दरों व शर्तों के अनुरुप एमओयू कर चिकित्सकीय सुविधा मुहैया करवाएंगे। इसके लिए होटलों की तीन श्रेणियां तय की गई है। हाईक्लास होटल में प्रति मरीज पांच हजार, मीडियम क्लास में चार हजार तथा स्टेण्डर्ड क्लास होटल में प्रतिदिन मरीज से तीन हजार रुपये चार्ज किया जा सकेगा। इस राशि में संबंधित मरीज को दो समय की चाय, नाश्ता, दोनों समय का भोजन, पानी, हाउसकीपिंग समेत चिकित्सकीय जरुरत के उपकरणों की सुलभता करवानी होगी। आदेश में कहा गया है कि होटलों को कोविड केयर सेंटर बनाने के बाद भर्ती मरीजों की देखभाल के लिए आवश्यक चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टॉक, एम्बुलेंस सुविधा समेत अन्य उपकरणों की सुलभता, सीसीटीवी कैमरा, मॉस्क, प्रोटेक्टिव संसाधन संबंधित निजी चिकित्सालय की जिम्मेदारी रहेगी। मरीज के डिस्चार्ज होने तक समूचा व्यय निजी चिकित्सालय वसूलेगा और होटल को भुगतान संबंधित निजी चिकित्सालय ही करेगा। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/ ईश्वर-hindusthansamachar.in