नर्सिंग कोर्स में पचास फीसदी सीटों पर बिना मेरिट एडमिशन क्यों-हाईकोर्ट
नर्सिंग कोर्स में पचास फीसदी सीटों पर बिना मेरिट एडमिशन क्यों-हाईकोर्ट
राजस्थान

नर्सिंग कोर्स में पचास फीसदी सीटों पर बिना मेरिट एडमिशन क्यों-हाईकोर्ट

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जयपुर, 15 अक्टूबर (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने बीएससी नर्सिंग और एमएससी नर्सिंग कोर्स की पचास फीसदी सीटों पर बिना प्रवेश परीक्षा और बिना मेरिट निजी कॉलेज फैडरेशन के माध्यम से एडमिशन देने पर राज्य सरकार व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इसके साथ ही अदालत ने दिए गए एडमिशन को याचिका के निर्णयाधीन रखा है। न्यायाधीश एसपी शर्मा ने यह आदेश रविकांत शर्मा की याचिका पर दिए। याचिका में कहा गया कि बीएससी नर्सिंग और एमएससी नर्सिंग कोर्स में आरयूएचएस अभ्यर्थियों को प्रवेश परीक्षा के माध्यम से मेरिट बनाकर प्रवेश देती है। इसके बाद पचास फीसदी सीटों पर प्रवेश के लिए निजी नर्सिंग कॉलेज फेडरेशन को अभ्यर्थियों के नाम भेजती है। याचिका में कहा गया कि अब तक आरयूएचएस ने प्रवेश परीक्षा की प्रक्रिया शुरू नहीं की। जबकि फैडरेशन ने पचास फीसदी सीटों पर प्रवेश के लिए विज्ञापन जारी कर दिया। याचिका में कहा गया कि फैडरेशन के जरिए सीधे प्रवेश देने से प्रवेश परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के हितों पर कुटाराघात होगा। ऐसे में सभी सीटों पर प्रवेश परीक्षा के जरिए ही एडमिशन कराए जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए फैडरेशन की ओर से दिए गए एडमिशन को याचिका के निर्णयाधीन रखा है। हिन्दुस्थान समाचार/ पारीक/ ईश्वर-hindusthansamachar.in