नगर निगम चुनाव : कांग्रेस व भाजपा में टिकट के लिए घमासान, नहीं खुले पत्ते
नगर निगम चुनाव : कांग्रेस व भाजपा में टिकट के लिए घमासान, नहीं खुले पत्ते
राजस्थान

नगर निगम चुनाव : कांग्रेस व भाजपा में टिकट के लिए घमासान, नहीं खुले पत्ते

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जयपुर, 18 अक्टूबर (हि.स.)। राज्य के जयपुर, जोधपुर व कोटा के 6 नगर निगमों के चुनाव में भाजपा जहां जोधपुर निगम में उम्मीदवारों के पत्ते खोल चुकी हैं, वहीं कांग्रेस में छहों निगमों के प्रत्याशियों के बारे में एकराय नहीं बन पाई हैं। भाजपा भी जयपुर व कोटा निगम के उम्मीदवारों को लेकर किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। प्रदेश के तीन बड़े शहर जयपुर, जोधपुर और कोटा में नगर निगम चुनाव का बिगुल बज चुका है। कोविड की वजह से चुनाव का शोर तो नहीं है, लेकिन टिकट चयन को लेकर पार्टियों के भीतर घमासान मचा है। संगठन कह रहा है कि हमारे लोगों को टिकट दो, तो विधायक कह रहे हैं कि प्रत्याशी हमारी तरफ का होना चाहिए। इसी उधेड़बुन के कारण अब तक दोनों ही पार्टियां प्रत्याशियों का चयन नहीं कर पाई हैं। कांग्रेस पार्टी ने विधायकों से पैनल मांगे तो विधायकों ने सीधे सिम्बल मांग लिए। ऐसे में अभी तक प्रत्याशियों का चयन नहीं हो पाया है। रविवार को भी दिनभर बैठकों के दौर चलते रहे, लेकिन शाम तक कोई परिणाम नहीं निकल पाया। ऐसे में टिकटार्थियों की धडक़नें तेज हो रही हैं। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां जिस तरह से बयान दे रहे हैं, उससे ऐसा लग रहा है कि पार्टी में कोई परेशानी नहीं है, लेकिन अंदरखाने उबाल यहां भी कम नहीं है। यहां भी संगठन नेताओं और विधायकों के बीच टिकटों को लेकर तनातनी है। दोनों ही अपने लोगों को उपकृत करने में लगे हैं। पार्टी मुख्यालय पर रविवार को दिनभर बैठकों के दौर चले। बताया जा रहा है कि पार्टी ने बगावत करने वाले पार्षदों को दोबारा मैदान में उतारने से साफ मना कर दिया है। इन पार्षदों के विधायकों को भी टिकट में तवज्जो नहीं दी जा रही है। यही वजह है कि पार्टी अभी तक प्रत्याशियों का चयन नहीं कर पाई है। नामांकन का सोमवार को अंतिम दिन जयपुर नगर निगम हैरिटेज और ग्रेटर में सोमवार को नामांकन का अंतिम दिन है। नामांकन भरने के लिए अभ्यर्थियों के बड़ी संख्या में पहुंचने की संभावना है। नामांकन भरने वालों की भीड़ को देखते हुए कतार में लगाकर नामांकन भरवाया जाएगा। कांग्रेस और भाजपा प्रत्याशियों ने अब तक नामांकन दाखिल नहीं किया है। इनके अलावा दर्जनों अनेक लोग भी नामांकन दाखिले नहीं कर पाए। वे भी भाजपा व कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशियों के नाम घोषित होने का इंतजार कर रहे थे। इसे देखते हुए कलेक्ट्रेट सहित जयपुर में सभी 25 नामांकन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पिछले 4 दिन में 135 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया है। पहले दिन ग्रेटर व हेरिटेज में एक-एक, दूसरे दिन ग्रेटर में 5 व हैरिटेज में एक, तीसरे दिन ग्रेटर में 4 व हेरिटेज में 2, चौथे दिन ग्रेटर में 84 व हेरिटेज में 37 अभ्यर्थियों ने नामांकन पत्र दाखिल किए। इस प्रकार निगम हेरिटेज में 41 और ग्रेटर में 94 अभ्यर्थियों ने नामांकन दाखिल किए हैं। अंतिम दिन में बड़ी संख्या में नामांकन भरने की संभावना को देखते हुए तैयारी की गई है। नामांकन स्थलों पर अतिरिक्त स्टॉफ लगाया गया है। एक साथ प्रत्याशियों के पहुंचने पर कतारबद्ध कर नामांकन भरवाया जाएगा। नामांकन समाप्ति के साथ ही चुनाव मैदान में खड़े होने वाले प्रत्याशियों के चेहरे सामने आ जाएंगे। इसलिए सोमवार से ही चुनाव प्रचार-प्रसार का कार्य तेज हो जाएगा। इस बार शहर में दो नगर निगम होने और 250 पार्षदों की सीटें होने के कारण चुनाव की गहमागहमी ज्यादा रहेगी। इस बार कोरोना के चलते लाव-लश्कर के साथ नामांकन नहीं भरा जाएगा। दोनों दलों के मुद्दे अलग-अलग प्रदेश में बढ़ते अपराध शहरी सरकार के चुनाव में प्रमुख मुद्दा रहेगा। गली-मोहल्ले के चुनाव में भाजपा बढ़ते अपराध को सियासी मुद्दा बनाएगी, वहीं कांग्रेस प्रदेश सरकार द्वारा कराए गए विकास कार्यों के आधार पर चुनाव लड़ेगी। जयपुर में शनिवार को दो स्थानों पर हुई लूट के बाद भाजपा नेता प्रदेश सरकार पर निशाना साध रहे हैं, वहीं पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा यूपी के हाथरस की घटना को लेकर भाजपा को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/ ईश्वर-hindusthansamachar.in