नई कृषि तकनीक और ज्ञान खेतों तक पहुंचाकर किसान की आय बढ़ाएं -  कृषि मंत्री
नई कृषि तकनीक और ज्ञान खेतों तक पहुंचाकर किसान की आय बढ़ाएं - कृषि मंत्री
राजस्थान

नई कृषि तकनीक और ज्ञान खेतों तक पहुंचाकर किसान की आय बढ़ाएं - कृषि मंत्री

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जयपुर, 23 दिसम्बर(हि.स.)। कृषि मंत्री लालचन्द कटारिया ने कृषि विश्वविद्यालयों में हो रहे अनुसंधान और नई तकनीक के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए कहा कि नई कृषि तकनीक की सार्थकता तभी पूरी होगी जब उसका उपयोग आम किसान के खेत में होगा और उससे काश्तकार की आय में बढ़ोतरी होगी। कटारिया बुधवार को यहां दुर्गापुरा स्थित राजस्थान कृषि अनुसंधान केन्द्र में 4 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत से निर्मित कृषि प्रौद्योगिकी ज्ञान केन्द्र के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कृषि मंत्री ने कहा कि श्री कर्ण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय खेती में लगातार नया अनुसंधान कर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। कटारिया ने ‘किसान दिवस’ पर पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह को याद करते हुए कहा कि वह कहते थे कि हमारे देश की प्रगति खेत-खलिहान से गुजरती है। इसलिए हमें उन्न्त और आधुनिक खेती अपनाकर किसान की आय बढ़ोतरी के लिए प्रयास करना होगा। किसानों की खुशहाली से ही देश की प्रगति संभव है। उन्होंने किसानों से घटती जोत के बीच आय बढ़ाने के लिए कृषि के साथ पशुपालन, मत्स्य एवं कुक्कुट की समन्वित खेती करने और नई तकनीक अपनाने का आह्वान किया। कृषि मंत्री कटारिया ने कृषि विश्वविद्यालयों के नोडल अधिकारी डॉ. ओमप्रकाश गढ़वाल की पुस्तक ‘फल-सब्जी परिरक्षण एवं उत्पाद’ का विमोचन भी किया। इससे पहले उन्होंने ज्ञान केन्द्र परिसर में पौधारोपण किया और डिजिटल जीवंत प्रदर्शनी का अवलोकन किया। श्री कर्ण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति जे.एस. संधू ने विश्वविद्यालय की प्रमुख गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विश्वविद्यालय की रैंकिंग में सुधार हुआ है, लेकिन अभी भी हमें काफी आगे बढ़ने की आवश्यकता है। इसके लिए उन्होंने आधारभूत संरचना विकास के साथ डेयरी साइंस, हॉर्टिकल्चर एवं कृषि इंजीनियरिंग जैसे विषय शुरू कर मल्टी फेकल्टी यूनिवर्सिटी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। हिन्दुस्थान समाचार/संदीप / ईश्वर-hindusthansamachar.in