झुंझुनू जिले की सभी ग्राम पंचायतो में लगेंगे शिक्षक सारथी
झुंझुनू जिले की सभी ग्राम पंचायतो में लगेंगे शिक्षक सारथी
राजस्थान

झुंझुनू जिले की सभी ग्राम पंचायतो में लगेंगे शिक्षक सारथी

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झुंझुनू,15 अक्टूबर(हि.स.)। कोरोना संक्रमण के समय में प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पढ़ाई में ज्यादा सक्षम बनाने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत पर एक शिक्षक सारथी लगाया जाएगा जो कि चयनित क्षेत्र के शिक्षकों से ऑनलाइन संवाद कर शिक्षा में सुधार के प्रयास करेंगे। इस प्रोजेक्ट में राजस्थान के झुंझुनू समेत चार जिलों को शामिल किया गया है। जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग ने कोरोना काल में स्कूलों में पढ़ाई नहीं होने के कारण डिजिटल तरीके से संवाद करने पर जोर दिया है। जिसमें विभाग ने प्रत्येक पंचायत के पीइइओ को एक अध्यापक का शिक्षक सारथी के रूप में चयन करने के आदेश दिए हैं। जो कि पंचायत में कार्यरत हो। पीइइओ द्वारा बनाए गए शिक्षक सारथी प्रत्येक माह पहली से आठवीं तक के अंग्रेजी, हिंदी और गणित के साथी शिक्षकों के साथ डिजिटल संवाद करेंगे। पीइइओ और शिक्षक सारथी को राज्यस्तरीय ऑनलाइन ट्रेनिंग भी दी जाएगी। जिसमें शिक्षक सारथी को अपने अधीन आने वाले अन्य शिक्षकों के साथ संवाद तथा समस्याओं का निस्तारण करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्येक पंचायत में शिक्षक सारथी बनाने का उदेश्य ऑनलाइन संवाद को बढ़ावा देना है। सूत्रों के अनुसार कोविड-19 के कारण पढ़ाई और संवाद का तौर-तरीका बदला है। ऐसे में विभाग भी डिजिटल तकनीकी पर जोर दे रहा है। ऑनलाइन संवाद के माध्यम से शिक्षा में नवाचार, शिक्षक और बच्चों में आपसी तालमेल, छात्रों की समस्याओं का निस्तारण प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। सारथी शिक्षक के पायलट प्रोजेक्ट में प्रदेश के चार जिलों को शामिल किया गया है। जिसमें झुंझुनू के अलावा हनुमानगढ़, बारां और झालावाड़ को शामिल किया गया है। इस प्रोजेक्ट के सकारात्मक परिणाम मिलने पर अन्य जिलों में शामिल किया जाएगा। प्रत्येक पंचायत में एक शिक्षक सारथी बनाया जाएगा। जो कि उसी पंचायत में पहले से सरकारी विद्यालय में कार्यरत शिक्षक होगा। यह जिम्मेदारी संबंधित पीइइओ द्वारा प्रदान की जाएगी। पीइइओ ही शिक्षक सारथी से अन्य शिक्षकों से किए संवाद की जानकारी लेगा। ऑनलाइन संवाद को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे नवाचार से शिक्षा में सुधार की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार कोरोना काल के बाद प्रत्येक क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहा है। डिजिटल तरीकों को बढ़ावा मिल रहा है। ऐसे में शिक्षा विभाग ने भी ऑनलाइन संवाद की तरफ ध्यान दिया है। जिससे सरकारी स्कूलें भी डिजिटल तरीके काम में ले सकें। हिन्दुस्थान समाचार / रमेश/संदीप-hindusthansamachar.in