झुंझुनू को मिलने वाले सिंचाई के पानी में कटौती का विरोध
झुंझुनू को मिलने वाले सिंचाई के पानी में कटौती का विरोध
राजस्थान

झुंझुनू को मिलने वाले सिंचाई के पानी में कटौती का विरोध

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झुंझुनू, 07 सितम्बर(हि.स.)। झुंझुनू जिला किसान महापंचायत के अध्यक्ष बजरंगलाल नेहरा ने एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि झुंझुनू जिले को यमुना नहर से सिंचाई के लिये मिलने वाले जल की मात्रा में कटौती कर उसे पेयजल योजना में शामिल किया जा रहा है जो जिले के किसानों के साथ सरासर अन्याय है। जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जायेगा। नेहरा ने बताया वर्तमान में यमुना नहर का पानी ताजेवाला हैड से जिला चूरु एवं झुंझुनू में लाने के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा सर्वेक्षण एवं विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की गई। जिसमें यमुना नदी का पानी झुंझुनू जिले के लिए मात्र 40 प्रतिशत सिंचाई के लिए तथा 60 प्रतिशत पेयजल के लिए काम में लिए जाने के लिए प्रस्तावित किया गया है। जो जिले के किसानों के लिए अनदेखी की गई है। उन्होंने बताया नए प्रस्ताव के अनुसार सिंचाई के लिए उपलब्ध पानी में से चूरु जिले को राजगढ़ तहसील में करीब 33 हजार हेक्टेयर तथा झुंझुनू जिले की चार तहसीलों सूरजगढ़, चिड़ावा, मलसीसर एवं झुंझुनू में करीब 67 हजार हेक्टेयर में सिंचाई किया जाना प्रस्तावित किया गया है। जो जिले के किसानों के लिए अनदेखी की गई है। उन्होंने बताया कि यमुना नदी का पानी सिंचाई के लिए दिया गया था, लेकिन सर्वे में सिंचाई के पानी में कटौती कर 60 प्रतिशत पानी पेयजल के लिए प्रस्तावित रखा गया है, जो किसानों के लिए नुकसानदायक होगा। नेहरा ने बताया कि खेतों में सिंचाई के स्थान पर पेयजल के लिए झुंझुनू जिले के समस्त गांव तथा सीकर जिले की छह तहसील जिसमें नीमकाथाना, खंडेला, श्रीमाधोपुर, दातारामगढ़, सीकर एवं धोद के समस्त गांव को पेयजल उपलब्ध कराया जाना प्रस्तावित किया गया है, जिसके विरोध में जिले के किसान जन आंदोलन करेंगे। हिन्दुस्थान समाचार / रमेश/संदीप-hindusthansamachar.in