जिले के 500 गावों मे निशुल्क कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम प्रारम्भ
जिले के 500 गावों मे निशुल्क कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम प्रारम्भ
राजस्थान

जिले के 500 गावों मे निशुल्क कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम प्रारम्भ

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झुंझुनू, 01 अगस्त (हि.स.)। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत पशुपालन विभाग, झुंझुनू द्वारा जिले में निशुल्क कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम की शनिवार को शुरूआत कर दी गई है। संयुक्त निदेशक डॉ.सुरेन्द्र सैनी ने बताया कि जिले से 500 गावों का चयन किया गया है। प्रत्येक चयनित गांव में 100 पशुओं का रजिस्ट्रेशन कर विभाग द्वारा मनोनीत कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ताओं द्वारा निशुल्क कृत्रिम गर्भाधान की सेवाएं पशुपालकों को दी जाएगी। कार्यक्रम प्रभारी डॉ.अशोक ढाका ने बताया कि राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम की यह योजना जिले मे गत वर्ष भी चलायी गयी थी। इस वर्ष यह योजना 10 माह की अवधि के लिये 1 अगस्त 2020 से 31 मई 2021 तक संचालित की जाएगी। योजनान्तर्गत जिले से चयनित 500 गांवों में 100 मादा गाय एंव भैंस वंश के पशुओं में जिले की प्रजनन नीति के अनुसार उच्च नस्ल के नर पशु के वीर्य द्वारा विभागीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ताओं के माध्यम से निशुल्क कृत्रिम गर्भाधान की सेवा पशुपालको को प्रदान की जावेगी। योजना में शामिल किये जाने वाले पशुओ के कान मे 12 डिजिट का पहचान टैग विभाग द्वारा लगाया जाकर पशु से संबधित सभी जानकारी जैसे नस्ल,उम्र,पशुमालिक की सम्पूर्ण जानकारी विभागीय सॉफ्टवेयर में ऑनलाईन अपलोड कर आगामी समय हेतु एक डाटाबेस तैयार किया जाएगा। इस योजना से उन्नत नस्ल के बछड़ा-बछड़ी पैदा की जाएंगी जिससे न केवल पशुपालको की आय में वृद्धि होगी बल्कि पशुपालकों मे कृत्रिम गर्भाधान के प्रति रूची भी जागृत होगी। हिन्दुस्थान समाचार / रमेश सर्राफ/ ईश्वर-hindusthansamachar.in