जयपुर ब्लास्ट के अभियुक्तों को फांसी की सजा देने वाले जज ने जान का खतरा बताया
जयपुर ब्लास्ट के अभियुक्तों को फांसी की सजा देने वाले जज ने जान का खतरा बताया
राजस्थान

जयपुर ब्लास्ट के अभियुक्तों को फांसी की सजा देने वाले जज ने जान का खतरा बताया

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अपडेट.. जयपुर, 10 सितम्बर (हि.स.)। शहर में सिलसिलेवार बम धमाके करने वाले अभियुक्तों को फांसी की सजा सुनाने वाले विशेष न्यायालय के तत्कालीन न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा ने आतंकियों से जान का खतरा बताते हुए डीजीपी को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया कि वह गत 31 जनवरी को रिटायर्ड हो चुके हैं। पिछले कुछ दिनों से उनके घर के बाहर संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं। कुछ लोग मोटर साईकिल पर उनके घर के बाहर चक्कर काटते हैं और कई बार इन लोगों ने मोबाइल से फोटों भी खिचें हैं। फिलहाल उन्हें पांच पुलिसकर्मी और दो पीएसओ मिले हुए हैं। उन्हें सूचना मिली है कि पुलिस लाइन के अधिकारी उनके गार्ड और पीएसओ को हटा रहे हैं। पत्र में कहा गया कि मेरा सिर्फ इतना कसूर है कि मैंने चार खूंखार आतंकवादियों को मौत की सजा दी है। इसके अलावा मेरी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि मैं निजी तौर पर सुरक्षाकर्मी रख सकूं। ऐसे में मेरी और मेरे परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है। गुप्तचर विभाग की रिपोर्ट से भी प्रतीत होता है कि आंतकवादी गुु्रप अपने साथियों को दी गई सजा का बदला ले सकते हैं। पूर्व न्यायाधीश ने चिंता जताई की पूर्व में न्यायाधीश नीलकण्ड गंजू ने वर्ष 1984 को आंतकी मकबूल भट्ट को मौत की सजा सुनाई थी। जिसके चलते आतंकवादियों ने 2 अक्टूबर 1989 को गंजू को सरेआम मार दिया था। गौरतलब है कि जयपुर ब्लास्ट मामलों की विशेष अदालत के न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा ने गत दिसंबर माह में चार आतंकियों को फांसी की सजा सुनाई थी। इस आदेश के खिलाफ अभियुक्तों की अपील और राज्य सरकार का डेथ रेफरेंस हाईकोर्ट में लंबित चल रहा है। हिन्दुस्थान समाचार/ पारीक/ईश्वर-hindusthansamachar.in