जयपुर के तीस हजार व्यापारियों की ओर से मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को दिया ज्ञापन
जयपुर के तीस हजार व्यापारियों की ओर से मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को दिया ज्ञापन
राजस्थान

जयपुर के तीस हजार व्यापारियों की ओर से मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को दिया ज्ञापन

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जयपुर, 07 सितम्बर (हि.स.)। कोरोना के कारण सरकार की ओर से शादी समारोह में 50 मेहमानों की गाइड लाइन तय की हुई है जिससे शादी समारोह से जुड़े हुए ट्रेड व्यापारी टेंट डीलर्स कैटरिंग डीलर्स, विवाह स्थल संचालक, लाइट डेकोरेटर, हलवाई, जनरेटर ऑपरेटर, फ्लावर डेकोरेटर, घोड़ी बैंड लवाजमा, डीजे साउंड, वीडियो- फोटोग्राफर, आर्केस्ट्रा आदि ट्रेड के जयपुर में तीस हजार व्यापारियों की ओर से सोमवार को राजस्थान सरकार से शादी समारोह में व्यक्तियों की संख्या बढ़ाने व टैक्स माफ करवाने के लिए शांति प्रिय तरीके से प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया। जयपुर विवाह स्थल समिति के संरक्षक मोहनलाल अग्रवाल व अध्यक्ष भवानी शंकर माली ने बताया कि विवाह स्थल समिति, टेंट डीलर समिति, केटरिंग डीलर्स, हलवाई समिति, जनरेटर समिति आदि तीस हजार व्यापारी और व प्रदेश में पांच लाख व्यापारी बेरोजगार हो गए हैं मार्च से जुलाई तक का सीजन खत्म हो गया है। व्यापारियों ने जैसे तैसे अब तक अपनी जीविका चला ली लेकिन अब तो आजीविका चलाना भी मुश्किल हो गया। सभी समितियों की ओर से सोवमार को होटल हवेली स्टेचू सर्किल पर दो गज दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) का पालन करते हुए एक दिवसीय प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन देकर निम्न मांग कि है कि शादी समारोह में 50 मेहमानों की पाबंदी हटा कर विवाह स्थल के क्षेत्रफल के हिसाब से मेहमानों की संख्या की गाइडलाइन तय की जाए। विवाह स्थलों का स्थानीय नगर निगम का टैक्स वर्ष 2020-21 का माफ किया जाए। इसके साथ ही मार्च 2020-21 वित्तीय वर्ष का विवाह स्थलों के बिजली के बिलों पर स्थाई सेवा शुल्क माफ किया जाए व बकाया बिलों की राशि किस्तों में जमा कराने का प्रावधान किया जाए और विवाह स्थल संचालकों को व्यापार सुचारू रूप से चलाने के लिए ऋण की व्यवस्था की जाए जिसकि किस्तों का भुगतान 1 वर्ष बाद से चालू किया जाए। टेंट डीलर समिति के अध्यक्ष रामरतन शर्मा व केटरिंग डीलर्स के अध्यक्ष दिनेश सैनी ने कहा कि नवरात्रों से धार्मिक आयोजन व नवंबर से शादी समारोह शुरू हो जाएंगे ऐसे में सरकार को जल्द ही नई गाइडलाइन तय करनी चाहिए। हिन्दुस्थान समाचार/दिनेश/ ईश्वर-hindusthansamachar.in