छत्तीस हजार पात्र विद्यालयों के लिए निकाली आरटीई ऑनलाईन लॉटरी
छत्तीस हजार पात्र विद्यालयों के लिए निकाली आरटीई ऑनलाईन लॉटरी
राजस्थान

छत्तीस हजार पात्र विद्यालयों के लिए निकाली आरटीई ऑनलाईन लॉटरी

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जयपुर, 30 जुलाई (हि.स.)। शिक्षा राज्य मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने गुरूवार को शिक्षा संकुल स्थित सभागार में निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत ऑनलाईन लॉटरी निकाली। उन्होंने 36 हजार 281 पात्र गैर सरकारी विद्यालयों में शैक्षिक सत्र 2020-21 में निःशुल्क सीट्स पर प्रवेश हेतु वरीयता क्रम निर्धारण के लिए यह ऑनलाईन लॉटरी निकाली। ऑनलाईन लॉटरी निकालने के बाद डोटासरा ने बताया कि निःशुल्क सीट्स पर प्रवेश के अंतर्गत 31 हजार 480 विद्यालयों के लिए ऑनलाईन आवेदन प्राप्त हुए। उन्होंने बताया कि पात्र 4 हजार 801 विद्यालय ऎसे रहे हैं जिनके लिए एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ। डोटासरा ने बताया कि निःशुल्क सीट्स पर प्रवेश के लिए प्रदेशभर से 1 लाख 91 हजार 158 बालक-बालिकाओं ने 8 लाख 60 हजार 512 ऑनलाईन आवेदन किए। उन्होंने बताया कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के दिशा निर्देशों के तहत एक आवेदनकर्ता अधिकतम 15 विद्यालयों के लिए आवेदन कर सकता है। लॉटरी के लिए 1 लाख 91 हजार 158 आवेदकों में 1 लाख 2 हजार 847 बालकों ने और 88 हजार 300 बालिकाओ के आवेदन सम्मिलित हैं। लॉटरी में 11 थर्ड जेण्डर आवेदक रहे हैं। राजस्थान प्राथमिक शिक्षा परिषद् के आयुक्त बी.एल. मीणा ने बताया कि लॉटरी द्वारा जारी वरीयता सूची को अभिभावक विद्यालयवार प्राइवेट स्कूल वेबपार्टल www.rajpsp.nic.in के होम पेज पर “वरीयता सूची“ पर क्लिक करके देख सकते हैं। उन्होंने बताया कि अभिभावक अपने आवेदन कीे आईडी नम्बर व मोबाइल नम्बर से लॉगिन करके अपने बालक-बालिका का वरीयता क्रमांक सभी आवेदित विद्यालयों में एक साथ देख सकते हैं। यह सुविधा मोबाइल एप पर भी उपलब्ध है। ऑनलाइन लॉटरी द्वारा वरीयता क्रम निर्धारण के बाद प्रवेश के इच्छुक सभी अभिभावकों को सात अगस्त तक सम्बन्धित विद्यालय में आवेदन का प्रिंट मय संलग्नक एवं रिपोर्टिंग प्रपत्र उपस्थित होकर जमा करवाना है। इसके बाद प्रवेश कार्य प्रारंभ हो जाएगा। प्रवेश देते समय विद्यालयों द्वारा बालकों की पात्रता से संबंधित दस्तावेजों की गहनता से जांच के निर्देश दिए गए है। हिंदुस्थन समाचार/संदीप/ ईश्वर-hindusthansamachar.in