छठ पर्व संपन्न: महिलाओं ने दिया उगते सूरज को अघ्र्य
छठ पर्व संपन्न: महिलाओं ने दिया उगते सूरज को अघ्र्य
राजस्थान

छठ पर्व संपन्न: महिलाओं ने दिया उगते सूरज को अघ्र्य

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जोधपुर, 21 नवम्बर (हि.स.)। छठ पर्व पर शनिवार को महिलाओं ने पारम्परिक पूजन और लोक गीतों के बीच उगते सूरज को अघ्र्य दिया। महिलाओं ने घर-परिवार में खुशहाली की कामना की। धुंधलाए मौसम में सुबह जैसे ही सूरज ने किरणें बिखेरी तब बिहार-झारखंड और अन्य प्रांतों की महिलाओं ने पानी में खड़े होकर अघ्र्य दिया। इस दौरान सूर्य देवता की स्तुति की गई। महिलाओं ने श्रीफल, केले-सेब, गन्ना, अगरबत्ती, फूल और मिष्ठान से पारम्परिक पूजा-अर्चना की। उन्होंने घर-परिवार में खुशहाली की दुआ मांगी। सुदूर पूर्वांचल के लोकगीत भी गूंजते रहे। इसके साथ छठ पूजन महोत्सव का समापन भी हुआ। सूर्यनगरी में चार दिवसीय छठ पूजन के चौथे दिन बिहार, झारखंड, उत्तरांचल, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश आदि राज्यों के प्रवासी लोगों ने बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण जलाशयों के घाट की जगह घरों के बाहर ही अस्थाई जलकुण्ड बनाकर छठ पूजन किया। निराहार व निर्जल रही महिलाएं: निराहार-निर्जल व्रत रखने वाली व्रती महिलाओं ने घरों के बाहर जलकुण्ड पर परम्परागत लोक गीतों की स्वरलहरियों के बीच अघ्र्य प्रदान किया। व्रती महिलाओं ने सूर्यदेव का पूजन व अघ्र्य प्रदान कर कंद-मूल, ऋतुफल, अदरक, ईख, आंवला, मूली व घरों में बना परम्परागत ठेकुआ प्रसाद चढ़ाकर परिवार में खुशहाली व समृद्धि की प्रार्थना की। उदित सूर्य को अघ्र्य देकर उन्होंने व्रत का पारणा किया। हिन्दुस्थान समाचार/सतीश / ईश्वर-hindusthansamachar.in