घर-घर में उल्लास के साथ हुई भगवान गणेश की पूजा, मंदिरों में पसरा रहा सन्नाटा
घर-घर में उल्लास के साथ हुई भगवान गणेश की पूजा, मंदिरों में पसरा रहा सन्नाटा
राजस्थान

घर-घर में उल्लास के साथ हुई भगवान गणेश की पूजा, मंदिरों में पसरा रहा सन्नाटा

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जयपुर, 22 अगस्त (हि. स.)। गणेश चतुर्थी पर शनिवार को प्रदेश में पहली बार भक्त अपने भगवान से दूर रहे। कोरोना महामारी के कारण गणेश चतुर्थी पर प्रथमपूज्य को मनाने के लिए न तो मेलों का आयोजन हुआ और न ही प्रदेश के किसी शहर में गणपति महोत्सव का पांडाल सजा। महामारी के खतरे को देखते हुए प्रदेशभर में प्रमुख गणेशोत्सव समितियां इस साल गणेश चतुर्थी पर जन्मोत्सव की परंपरा निभा रही है। प्रदेशभर में शनिवार को गणेश चतुर्थी उत्साह और उल्लास के साथ घर-घर में मनाई जा रही है। इस दौरान घरों में स्थापित मूर्तियों का अभिषेक, नया चोला पहनाकर पूजन और आरती की गई। घरों में श्रद्धालुओं ने शुभ मुहूर्त में भगवान गणेश स्थापित कर विधिवत रूप से उनकी पूजा की तथा कोरोना महामारी से बचाव की प्रार्थनाएं की गई। जयपुर का प्रसिद्ध मोतीडूंगरी गणेश मंदिर भक्तों के लिए बंद रहा। यहां श्रद्धालुओं को ऑनलाइन दर्शन कराए गए। मंदिर महंत कैलाश शर्मा के सानिध्य में शाम तक गणेश चतुर्थी की रस्में बिना श्रद्धालुओं की उपस्थिति के निभाई गई। मंदिर में सवेरे 5 बजे मंगला आरती से गणेश जन्मोत्सव के कार्यक्रम शुरु हुए। इस दौरान सुबह 11.15 बजे विशेष पूजन, 11.30 बजे श्रंगार आरती, दोपहर 2.15 बजे भोग आरती की गई। संध्या आरती शाम 7.10 बजे और शयन आरती के दर्शन रात 10 बजे हुए। पाली, सवाईमाधोपुर समेत प्रदेश के अन्य जिलों में ख्यात गणेश मंदिरों में गणेश जन्मोत्सव की रस्म निभाई गई। इस दौरान सरकारी गाइडलाइन के मापदंडों की पूरी तरह पालना की गई। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी शनिवार को शाम 7.57 बजे तक रही। हर साल गणेश चतुर्थी पर प्रदेशभर में भव्य पांडाल सजाकर उनमें भगवान गणेश की विशाल प्रतिमाएं विराजित की जाती रही हैं। इस बार परंपरा को बरकरार रखने के लिए सिर्फ प्रतिमा स्थापित की गई, जबकि पांडाल नहीं सजाए गए। गणेश चतुर्थी पर विभिन्न गणेश मंदिरों पर भरे जाने वाले मेलों पर भी इस बार कोरोना का साया रहा। चतुर्थी पर मंदिरों में पूजा-अर्चना और ध्वजारोहण का कार्यक्रम सेवादारों तथा चंद श्रद्धालुओं की मौजूदगी में हुआ। गली-मोहल्लों में बनाए जाने वाले पांडालों की रौनक भी इस बार कोरोना महामारी ने छीन ली। जहां कार्यक्रम हो रहे हैं, वहां परंपरा निभाने के लिए छोटी मूर्ति लगाई गई है। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/संदीप-hindusthansamachar.in