गौ संरक्षण संवर्धन में किए संशोधन को वापस ले राज्य सरकार- विहिप
गौ संरक्षण संवर्धन में किए संशोधन को वापस ले राज्य सरकार- विहिप
राजस्थान

गौ संरक्षण संवर्धन में किए संशोधन को वापस ले राज्य सरकार- विहिप

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जयपुर, 07 सितम्बर (हि.स.)। गौ संवर्धन निधि का उपयोग आपदा निधि में करने के लिए राजस्थान स्टाम्प अधिनियम 1999 संख्या 14 की धारा 3 ख में संशोधन कर गाय और उसकी नस्ल के संरक्षण और संवर्धन के प्रयोजन में बदलाव किया गया है। विश्व हिन्दू परिषद ने संशोधन वापस लेने की मांग की है। प्रान्त प्रचार प्रमुख अभिषेक सिंह ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा मई माह में इस अधिनियम में संशोधन कर प्रकाशन किया था। इस अधिनियम के विरोध में गौ संरक्षण संघर्ष समिति राजस्थान, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, राम सेवा संघ आदि संगठनों ने प्रदेशभर में मुख्यमंत्री के नाम जिला व तहसील स्तर पर ज्ञापन दिए। विहिप के क्षेत्रीय मंत्री सुरेश उपाध्याय ने राज्य सरकार गौ सम्बर्धन की राशि का उपयोग सूखा, बाढ़, महामारी, लोक स्वास्थ्य, प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदाओं के शमन के नाम पर गौशालाओ का अनुदान बंद करने की साजिश बताया है। विहिप के क्षेत्रीय कार्यालय में सोमवार को आयोजित प्रेसवार्ता में मौजूद सन्त राजेश्वरानंद ने कहा कि सरकार ने इस निर्णय को वापस नहीं लिया तो गौशाला संचालक आंदोलन करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार की गाय के पक्ष में कोई विशेष रूचि नहीं है, यह सरकार धीरे-धीरे गौशालाओं के अनुदान को भी खत्म करने का प्रयास कर रही है। यह एक साजिश है। सरकार ने वादा किया था कि वह गौशालाओं का अनुदान बढ़ाएगी और 12 माह तक अनुदान देने की सिफारिश करेगी, लेकिन सरकार का ये निर्णय हिन्दू हितों पर कुठाराघात है। विहिप के प्रान्त मंत्री किशोरी लाल मीणा, प्रान्त सह मंत्री रामगोपाल शर्मा, बजरंग दल संयोजक अशोक सिंह राजावत, सह संयोजक कुलदीप पारीक, गौ रक्षा विभाग संयोजक डॉ प्रवीण खंडेलवाल, मीनाक्षी पारीक व परमवीर आदि ने पुलिस आयुक्त व कलेक्टर आदि को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपे। हिन्दुस्थान समाचार/ ईश्वर/संदीप-hindusthansamachar.in