गहलोत अपनी कुर्सी बचाने के लिए प्रतिशोध की कर रहे है राजनीति - पूनियां
गहलोत अपनी कुर्सी बचाने के लिए प्रतिशोध की कर रहे है राजनीति - पूनियां
राजस्थान

गहलोत अपनी कुर्सी बचाने के लिए प्रतिशोध की कर रहे है राजनीति - पूनियां

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जयपुरर, 17 जुलाई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर अपनी कुर्सी बचाने के लिए प्रतिशोध की राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कथित ऑडियो टेप में गिरफ्तार संजय जैन लूणकसर में कांग्रेस का ब्लाक अध्यक्ष रहा है, उसे भाजपा कार्यकर्ता बताकर पार्टी को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। पूनियां शुक्रवार को पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष संजय जैन, उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने भी मौजूद थे। पूनियां ने कहा कि राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष के समक्ष उनकी पार्टी की तरफ से करीब चार महीने पहले बसपा के 6 विधायकों के कांग्रेस में विलय करने के खिलाफ एक याचिका दायर की गई थी, लेकिन उक्त प्रकरण में एक भी सुनवाई नहीं हुई, ना किसी को नोटिस जारी किए गए, जबकि स्पीकर ने सचिन पायलट और कांग्रेस के अन्य 19 विधायकों के खिलाफ रात को 2 बजे विधानसभा सचिवालय खुलवाया और रात को ही नोटिस जारी भी कर दिए और सुबह जल्दी तमाम विधायकों के आवास पर चस्पा भी कर दिया। इससे जाहिर होता है कि स्पीकर की भूमिका संदेह के घेरे में है। उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने स्पष्ट तौर पर कहा कि केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के ऊपर बिना किसी सबूत के कांग्रेस पार्टी और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाए हैं, उसके बारे में भाजपा विधि विशेषज्ञ से बात कर रही है और केन्द्रीय नेत्तृव से भी बात की जा रही है। इस मामले में मानहानि का मुकदमा किस स्तर का किया जा सकता है। केंद्रीय मंत्री के खिलाफ जिस तरह से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनकी सरकार कुचक्र रच रही है, बदनाम करने के लिए साजिश बना रही है, उससे साफ होता है कि जोधपुर में मई 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे की शेखावत के सामने हुई करारी हार को अब भी गहलोत पचा नहीं पा रहे हैं। इस प्रकरण को लेकर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि गृह मंत्रालय की तरफ से एक स्पष्ट और लिखित आदेश के द्वारा ही किसी भी व्यक्ति की कॉल रिकॉर्डिंग की जा सकती है, लेकिन मैं पूछना चाहता हूं कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनकी सरकार में बैठे हुए लोगों ने किस आधार पर किसी भी व्यक्ति की कॉल रिकॉर्डिंग की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिस तरह के फर्जी ऑडियो टेप वायरल किए गए हैं, उससे साबित होता है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मानसिक रुप से दिवालिया हो चुके हैं। एक सवाल के जवाब में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और पार्टी अध्यक्ष डॉ पूनिया ने साफ किया कि नागौर के सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक हनुमान बेनीवाल के द्वारा 1 दिन पहले वसुंधरा राजे और अशोक गहलोत के गठजोड़ के जो ट्वीट किए गए थे और आरोप लगाए गए थे। उसके बाद उनकी तरफ से बेनीवाल से बात की गई है और उनको गठबंधन का धर्म निभाते हुए भविष्य में इस तरह से भाजपा के किसी भी नेता के खिलाफ बयान देने और आरोप लगाने के लिए मना किया गया है। हिन्दुस्थान समाचार/ ईश्वर/संदीप-hindusthansamachar.in