गणेश मंदिर से जुडे अतिक्रमणों को लेकर राज्य सरकार से सिटी सर्वे का मांगा रिकॉर्ड
गणेश मंदिर से जुडे अतिक्रमणों को लेकर राज्य सरकार से सिटी सर्वे का मांगा रिकॉर्ड
राजस्थान

गणेश मंदिर से जुडे अतिक्रमणों को लेकर राज्य सरकार से सिटी सर्वे का मांगा रिकॉर्ड

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जयपुर, 17 सितम्बर (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने मोती डूंगरी गणेश मंदिर से जुडे अतिक्रमण के मामले में राज्य सरकार को 2 अक्टूबर तक शपथ पत्र पेश कर सिटी सर्वे का रिकॉर्ड पेश करने के आदेश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और न्यायाधीश प्रकाश गुप्ता की खंडपीठ ने यह आदेश मामले में लिए गए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान पर सुनवाई करते हुए दिए। इसके साथ ही अदालत ने कुछ प्रभावित दुकानदारों को मामले में पक्षकार बना लिया है। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया कि मौके के सिटी सर्वे पर सूपर इंपोजिशन का काम पूरा कर लिया गया है। सिटी सर्वे के आधार पर कमेटी की ओर से की गई जांच में मंदिर के आसपास की दुकाने अतिक्रमण की श्रेणी में आती हैं। इन दुकानदारों के पास स्वामित्व को लेकर कोई दस्तावेज भी नहीं है। वहीं एक प्रभावित दुकानदार नंदलाल की ओर से अधिवक्ता विमल चौधरी ने कहा कि लॉ ऑफ वेलिडेशन एक्ट, 1952 के तहत सिटी सर्वे वैध दस्तावेज है। मौके की जमीन को सरकारी मानते हुए ही निगम ने उसकी दुकान को हटाया था। वहीं निगम मंदिर के पुजारी के अतिक्रमण को नियमित करना चाहती है। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने राज्य सरकार को सिटी सर्वे का रिकॉर्ड पेश करने को कहा है। हिन्दुस्थान समाचार/ पारीक/ ईश्वर-hindusthansamachar.in