कोरोना को संभालने की बजाय मैनेज कर रहा है चिकित्सा विभाग
कोरोना को संभालने की बजाय मैनेज कर रहा है चिकित्सा विभाग
राजस्थान

कोरोना को संभालने की बजाय मैनेज कर रहा है चिकित्सा विभाग

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झुंझुनू, 22 सितम्बर (हि.स.)। जिले में अब कोरोना से लड़ाई लड़ने के लिए आमजन को खुद ही सतर्क रहना होगा। आपके संपर्क में आया कौन व्यक्ति कब पॉजिटिव आ जाए। आपको इसका पता भी नहीं चलेगा। क्योंकि जिस चिकित्सा विभाग पर कोरोना संक्रमण को रोकने और खासकर संक्रमण रोकने की जिम्मेदारी है। वो विभाग इन दिनों कोरोना संक्रमण को रोकने की बजाय, आंकड़ों को मैनेज करने में लगा है। सूत्रों की मानें तो सोमवार को कोरोना के तीन दर्जन के करीब पॉजिटिव केस सामने आए। लेकिन सीएमएचओ समेत जयपुर चिकित्सा विभाग की ओर से महज एक दर्जन कोरोना पॉजिटिव केसों की जानकारी दी गई। लेकिन एक दर्जन कौन से है, इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं मिला। सूत्रों की मानें तो जिले में कोरोना का संक्रमण नहीं रूक रहा है। जिले के खेतड़ी नगर स्थित हिन्दुस्तान कापर लिमिटेड के केसीसी प्रोजेक्ट में लगातार भारी संख्या में कोरोना पॉजिटिव केस मिल रहें है। जिले के चिड़ावा में एक बार फिर हालात बेकाबू हो रहे है। वहीं संक्रमण बढ़ेगा, इन संभावनाओं से भी इंकार नहीं किया जा सकता। चिड़ावा के ब्लॉक सीएमएचओ समेत सीएचसी से जुड़े पांच चिकित्सक कोरोना पॉजिटिव मिले है। वहीं मंड्रेला में कार्यरत दो नर्सिंग स्टाफ भी कोरोना पॉजिटिव मिला है। इन चिकित्साकर्मियों के संपर्क में बीते दिनों में सैंकड़ों लोग आए है। लेकिन विभाग इनकी कॉन्टेक्ट लिस्ट नहीं बना पायेगा इस पर सवाल है। वहीं इनके संपर्क में आए लोग भी आगे आकर अपनी जांच नहीं करवा सकेंगे। क्योंकि विभाग यह जानकारी भी नहीं दे पा रहा है कि ये चिकित्सक कौन है। हालात बेकाबू हो रहे है। इसी तरह लुका छिपी के खेल में पिछले दिनों पीएनबी बैंक के मैनेजर के कोरोना पॉजिटिव आने की जानकारी छुपाई गई। जिससे ना केवल बैंककर्मी, बल्कि मैनेजर के संपर्क में आए बड़ी संख्या में बैंक ग्राहक अभी तक इस बात से अनजान है कि वे किसी कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आए है। चिकित्सा विभाग इनकी कॉन्टेक्ट लिस्ट तक तैयार नहीं कर पाया। वहीं दो दिनों तक तक साथी बैंककर्मी दहशत में रहे और अपने सैंपल देने के लिए इधर से उधर भटकते फिर रहे हैं। दो दिन पहले खुद मुख्यमंत्री ने आंकड़े छुपाने को लेकर गंभीर चिंता जाहिर कर ताकिद किया था कि जिला स्तर पर आंकड़े जारी किए जाए। ताकि लोगों को पॉजिटिव केसों की जानकारी हो सके और कॉन्टेक्ट पर्सन खुद आगे आकर अपने सैंपल दें और होम क्वारंटाइन हो सके। ताकि संक्रमण ना फैले। आंकड़ों की लुकाछिपी का खेल कॉपर में कोरोना को बेकाबू कर चुका है। कॉपर में श्रमिकों के बड़ी संख्या में पॉजिटिव आने की जानकारी कलेक्टर उमरदीन खान से भी विभाग के अधिकारियों ने छुपा ली थी। एक दिन बाद समाचार पत्र में सूत्रों के हवाले से जब जानकारी सामने आई तो करीब 24 घंटे बाद कलेक्टर ने कर्फ्यू लगाया था। जबकि कर्फ्यू एक दिन पहले ही लग जाना चाहिए था। अभी भी ऐसे हालात जिले में कई स्थानों पर हो सकते है। इस मामले में झुंझुनू भाजपा जिलाध्यक्ष पवन मावंडिया भी सवाल उठा चुके है। लेकिन असल में तो विभाग पर सीएम के निर्देशों का ही असर नहीं तो फिर भाजपा जिलाध्यक्ष की बात का असर हो यह संभव नहीं है। लेकिन सच छुपाना, कहीं शर्मनाक हालात पैदा ना कर दें। इसके लिए जिला प्रशासन को भी सख्त कदम उठाने होंगे। हिन्दुस्थान समाचार / रमेश सर्राफ / ईश्वर-hindusthansamachar.in