केंद्र ने राजस्थान सहित छह राज्यों में उच्च स्तरीय केंद्रीय टीमें भेजी
केंद्र ने राजस्थान सहित छह राज्यों में उच्च स्तरीय केंद्रीय टीमें भेजी
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केंद्र ने राजस्थान सहित छह राज्यों में उच्च स्तरीय केंद्रीय टीमें भेजी

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जयपुर, 16 अक्टूबर (हि.स.)। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने राजस्थान,केरल, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में उच्च स्तरीय केंद्रीय टीमों की प्रतिनियुक्ति की है। हाल के दिनों मं इन राज्यों से नए कोरोना मामलों की संख्या में बढ़ोतरी की सूचना मिल रही है। प्रत्येक टीम में एक संयुक्त सचिव (संबंधित राज्य के लिए नोडल अधिकारी), सार्वजनिक स्वास्थ्य पहलुओं की देखभाल के लिए एक सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ तथा संक्रमण की रोकथाम के तरीकों की देखभाल व राज्य द्वारा अपनाए जाने वाले नैदानिक प्रबंधन प्रोटोकॉल के लिए एक चिकित्सक शामिल है। राजस्थान के लिए तैनात केन्द्रीय दल जयपुर पहुंच गया है। इसमें सैन्य मामलात मंत्रालय के संयुक्त सचिव राजीव सिंह ठाकुर,एन वी बी डी सी पी के अतिरिक्त निदेशक डॉ. अवधेश कुमार तथा श्वांस रोग विशेषज्ञ डॉ जे. के. सैनी शामिल हैं। ये टीमें नियंत्रण, निगरानी, परीक्षण, संक्रमण की रोकथाम के साथ नियंत्रण उपायों और सक्रिय मामलों के कुशल चिकित्सकीय प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में राज्य के प्रयासों में मदद करेंगी। केंद्रीय टीमें समय पर निदान और फॉलो अप से संबंधित चुनौतियों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने के लिए मार्गदर्शन भी करेंगी। राजस्थान में कुल 1,67,279 मामले दर्ज किए गए हैं (कुल में हिस्सा: 2.3 प्रतिशत), प्रति दस लाख 2,064 मामले और कुल ठीक होने वालों की संख्या है 1,43,984 है जो ठीक होने की 86.07 प्रतिशत की दर बताती है। आज की तारीख तक सक्रिय मामले 21,587 हैं जो राष्ट्रीय संख्या का 2.7 प्रतिशत है। राज्य में मृतकों की संख्या 1,708 है। इस प्रकार इन मामलों में मृत्यु दर 1.02 प्रतिशत है। प्रति दस लाख पर 21 की मृत्यु है। प्रति दस लाख पर सक्रिय मामले 38,605 है जिससे संक्रात्मकता की दर 5.3 प्रतिशत बनती है। कोविड प्रबंधन के लिए विभिन्न राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश सरकारों के प्रयासों को मजबूत करने के लिए चल रहे प्रयास के तहत केंद्र सरकार समय-समय पर विभिन्न राज्यों केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा करने के लिए केंद्रीय टीमों का गठन कर वहां भेजती रही है। ये टीमें राज्य व केंद्रशासित प्रदेश के अधिकारियों के साथ बातचीत करती हैं और उनके सामने आने वाली चुनौतियों और मुद्दों की समझ प्राप्त करती हैं ताकि उनकी चल रही गतिविधियों को मजबूत करने में यदि अड़चनें आ रही हों तो उन्हें दूर किया जा सके। हिन्दुस्थान समाचार/ ईश्वर/संदीप-hindusthansamachar.in