किसान दिवस के बहाने भाजपा हुई हमलावर तो कांग्रेस ने दी शुभकामनाएं
किसान दिवस के बहाने भाजपा हुई हमलावर तो कांग्रेस ने दी शुभकामनाएं
राजस्थान

किसान दिवस के बहाने भाजपा हुई हमलावर तो कांग्रेस ने दी शुभकामनाएं

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जयपुर, 23 दिसम्बर (हि. स.)। राष्ट्रीय किसान दिवस के बहाने बुधवार को कांग्रेस और प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के नेता किसानों के मसले पर एक-दूसरे के आमने-सामने हो गए। दोनों दलों के जनप्रतिनिधियों में कांग्रेस के नेताओं ने जहां चौधरी चरणसिंह को याद कर किसान हितों में काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई, वहीं भाजपा के नेताओं ने किसान दिवस की शुभकामनाएं देते हुए किसान हितों पर कांग्रेस को आड़े हाथों लेने का प्रयास किया। दोनों दलों के नेताओं ने ट्वीट कर सोशल मीडिया पर एक-दूसरे पर निशाना साधा। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने लिखा कि राष्ट्रीय किसान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं किसानों के कल्याण के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले चौधरी चरण सिंह जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन। मोदी सरकार ने भी किसानों के सशक्तिकरण एवं संरक्षण के लिए अद्वितीय कार्य किए। उन्होंने लिखा कि राज्य के किसानों को पूर्ववर्ती भाजपा सरकार हर महिने 833 रुपये यानि 10 हजार रुपये सालाना सब्सिडी सीधे बिलों में ही देती थी, कांग्रेस की गहलोत सरकार ने टैरिफ में दी जा रही सब्सिडी की आड़ में उक्त सब्सिडी बंद कर दी है। किसानों को चोट पहुंचा कर मंत्री जी कह रहे हैं कि परीक्षण करवा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने लिखा कि देश की समृद्धि का रास्ता गांवों के खेतों एवं खलिहानों से होकर गुजरता है। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन। किसान दिवस की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने लिखा कि किसानों के अभूतपूर्व विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जन्मजयंती पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं! अन्नदाताओं की खुशहाली को समर्पित कृषक दिवस पर सभी अन्नदाताओं को मेरा सादर प्रणाम! पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने लिखा कि पूर्व प्रधानमंत्री एवं किसान नेता स्व. चौधरी चरण सिंह की जयंती पर मैं उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं। किसानों के कल्याण एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार लाने के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले महान किसान नेता चौधरी चरण सिंह जी का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। देश के विकास एवं समृद्धि का आधार हमारे किसान आज इस कोरोना संकट एवं ठंड में अपने अधिकारों के लिए सडक़ों पर संघर्षरत हैं। इस किसान दिवस पर केंद्र सरकार अपनी हठधर्मिता व किसान विरोधी रवैया त्यागकर ये काले कृषि कानून वापस लें व अन्नदाता को उनके अधिकार पुन: दें। विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने लिखा कि कांग्रेस का किसान विरोधी चेहरा बेनकाब हो गया है। गहलोत सरकार ने पूर्ववर्ती भाजपा शासन के समय शुरू की गई राज्य के 13 लाख कृषि उपभोक्ताओं को डीबीटी के रूप में बिजली बिलों में मिल रही 833 रुपये प्रतिमाह की सब्सिडी को बंद करके गरीब किसानों पर बिजली का अतिरिक्त भार लादने का काम किया है। कांग्रेस ने जनघोषणा पत्र में अन्नदाताओं को कृषि कार्य के लिए सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने का वादा किया था लेकिन वास्तविकता यह है कि किसानों को सस्ती बिजली मिलना तो दूर अपितु अब 833 रुपये प्रतिमाह की सब्सिडी को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। राठौड़ ने लिखा कि राज्य सरकार ने सब्सिडी को पहले तो अघोषित रूप से बंद कर रखा था और अब परीक्षण के नाम पर रोक लगाना यह दर्शाता है कि सरकार की नीयत में खोट है। कोरोनाकाल में कृषि उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने की बजाय सब्सिडी बंद करने से किसानों पर ज्यादा बोझ बढ़ेगा व उनका जीवन अधिक कष्टदायी होगा। मुद्दाविहीन कांग्रेस पार्टी किसानों को बरगलाकर अपने राजनीतिक हित साधने में लगी हुई है। इतिहास गवाह है कि स्वयं को किसान हितैषी सिद्ध करने की कोशिश में जुटी कांग्रेस ने अपने शासनकाल में किसानों को बर्बाद करने का ही काम किया है। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/संदीप-hindusthansamachar.in