कांग्रेस सरकार के पिछले दो वर्षों के कुशासन को लेकर भाजपा ने जारी किया काला चिट्ठा
कांग्रेस सरकार के पिछले दो वर्षों के कुशासन को लेकर भाजपा ने जारी किया काला चिट्ठा
राजस्थान

कांग्रेस सरकार के पिछले दो वर्षों के कुशासन को लेकर भाजपा ने जारी किया काला चिट्ठा

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जोधपुर, 22 नवम्बर (हि.स.)। राजस्थान प्रदेश भाजपा द्वारा प्रदेश भर में कांग्रेस सरकार के कुशासन को लेकर काला चिट्ठा आमजन के समक्ष रखे जाने के क्रम में भाजपा जोधपुर शहर जिलाध्यक्ष देवेन्द्र जोशी द्वारा प्रदेश की कांग्रेस सरकार के दो वर्षो के कुशासन को आमजन के समक्ष उजागर करने के लिये काला चिट्ठा जारी किया। भाजपा जोधपुर शहर जिलाध्यक्ष देवेद्र जोशी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं द्वारा तीनों विधानसभा क्षेत्र में मण्डलवार कांगे्रस सरकार का काला चिट्टा घर-घर पहुंचाने का अभियान चलायेगी। जोशी ने कहा कि नगर निकाय चुनाव के सीमांकन में की गई जबरदस्त धांधली से जनता अभी उभर भी नहीं पायी है कि कांगे्रस सरकार ने लोकतंत्र की प्रथम ईकाई ग्राम पंचायत को तमाशा बना रखा है। इसी क्रम में कांग्रेस सरकार पर पंचायती राज संस्थाओं को पंगू बनाने का आरोप लगाते हुए जोशी ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने दो वर्ष के कार्यकाल में ग्रामीण विकास को अवरूद्व कर दिया है। राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर भी अब तक वित्त आयोग का गठन तक नही किया गया है। इससे राज्य सरकार की नाकामी झलक रही है। भाजपा शासन के दौरान पांचवे वित आयोग के द्वारा जो 2065 करोड़ की राशि जारी की गई थी। वह राशि वर्तमान कांग्रेस सरकार की अकर्मण्यता की वजह से आमजन तक नहीं पहुंच पाई है। केन्द्र सरकार के द्वारा वर्ष 2022 तक प्रत्येक व्यक्ति के सर पर अपनी छत हो, जो कल्याणकारी योजना प्रारंभ की गई है। उस योजना में अपने हिस्से के लगभग 1400 करोड़ रू. प्रदेश सरकार ने नही दिये है जिससे यह महत्वाकांक्षी योजना प्रदेश में अधरझूल में लटकी हुई है। राज्य सरकार पर ग्रामीण जनता के साथ अन्याय करने का आरोप लगाते हुऐ जोशी ने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा पिछले दो वर्षो में एक रुपये का विकास कार्य नही किया गया है। राज्य में गहलोत सरकार द्वारा अपनी हठाधर्मिता व आर्थिक कुप्रबंधन के कारण के चलते कर्मचारियों की वेतन कटौती करना (मार्च माह में 16 दिन का वेतन रोकना, माह जुलाई, 2019 एवं जनवरी एवं जुलाई 2020 की मंहगाई भते की तीन किश्त जारी नहीं की गई, उपार्जित अवकाश समर्पित की राशि भी नहीं दी जा रही) इस असंवेदनशील, अमानवीय निर्णय लिया गया जिससे प्रदेश के कार्मिकों में जबरदस्त असंतोष है। हिन्दुस्थान समाचार/ ईश्वर/संदीप-hindusthansamachar.in