एमएसएमई उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए उद्योग विभाग व सिडबी करेंगे मिलकर काम
एमएसएमई उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए उद्योग विभाग व सिडबी करेंगे मिलकर काम
राजस्थान

एमएसएमई उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए उद्योग विभाग व सिडबी करेंगे मिलकर काम

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जयपुर, 11 सितम्बर (हि.स.)। राज्य के एमएसएमई उद्यमों को वित्तीय, तकनीकी, विपणन, निर्यात और अन्य सहयोग व समन्वय के लिए उद्योग विभाग व सिडबी साथ मिलकर काम करेंगे। इस संबंध में एक करार आज सचिवालय में उद्योग व राजकीय उपक्रम मंत्री परसादी लाल मीणा की उपस्थिति में उद्योग विभाग व सिडबी के बीच संपन्न हुआ। प्रमुख सचिव उद्योग नरेश पाल गंगवार के सानिध्य में उद्योग विभाग की ओर से आयुक्त अर्चना सिंह और सिडबी की ओर से महाप्रबंधक बलबीर सिंह द्वारा हस्ताक्षर किए गए। उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा ने बताया कि राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एमएसएमई एक्ट में संशोधन कर राजउद्योगमित्र के माध्यम से पंजीयन कर तत्काल उद्योग शुरु करने का अवसर देते हुए सभी तरह की अनुमतियों व निरीक्षणों से तीन साल के लिए मुक्त किया है। उन्होंने बताया कि अब वन स्टॉप शॉप आने से बड़े उद्योगों की स्थापना भी आसान हो जाएगी। उद्योग मंत्री मीणा ने बताया कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्य उद्यमों द्वारा ही सर्वाधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं वहीं निर्यात में भी इनकी प्रभावी हिस्सेदारी है। ऐसे में राज्य सरकार एमएसएमई उद्यमों की समस्याओं को समझने और उनके निराकरण के कदम उठा रही है। सिडबी के साथ समझौता भी इसी दिशा में बढ़ता कदम है। प्रमुख सचिव उद्योग नरेश पाल गंगवार ने बताया कि सिडबी के सहयोग से प्रदेश में नवोन्वेषी कलस्टर आधारित एप्रोच को बढ़ावा दिया जाएगा। आयुक्त उद्योग अर्चना सिंह ने बताया कि सिड़बी के साथ मिलकर प्रदेश में डिजीटल प्लेटफार्म भी तैयार किया जाएगा ताकि पीएसबी लोन्स इन 59 मिनट्स, स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग, जेम्स, ईकामर्स जैसे मौजूदा और भविष्य में आने वाले प्लेटफार्मों का लाभ प्राप्त कर सकें। हिन्दुस्थान समाचार/ ईश्वर/संंदीप-hindusthansamachar.in