एफईएस के सहयोग से चारागाह का विकास एवं जल संरक्षण का कार्य होगा
एफईएस के सहयोग से चारागाह का विकास एवं जल संरक्षण का कार्य होगा
राजस्थान

एफईएस के सहयोग से चारागाह का विकास एवं जल संरक्षण का कार्य होगा

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भीलवाड़ा, 17 जुलाई (हि.स.)। जिले के ग्रामीण अंचलों में 25 वर्षों से चारागाह का विकास एवं जल संरक्षण का कार्य करने वाली अग्रणी सामाजिक संस्था फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी (एफईएस) भीलवाड़ा की ओर से शाहपुरा व जहाजपुर क्षेत्र में कराये गये कार्यो का निरीक्षण किया गया। अब यह कार्य शाहपुरा के संपूर्ण पंचायत समिति क्षेत्र में कराये जाएंगे। एफईएस रीजनल टीम लीडर शांतनु सिन्हा राय ने बताया कि न केवल बारिश के जल का संरक्षण किया जा रहा है वरन ग्रामीणों की सहभागिता से चरागाह का विकास भी किया गया है ताकि क्षेत्र के पशुओं के लिए माकूल इंतजाम हो सके। ग्राम पंचायत स्तर पर बंजर भूमि एवं चरागाह विकास समितियों का सहयोग व राजस्व गांव स्तर पर चरागाह विकास समितियां गठित की है। जिसके साथ मिलकर शामलात भूमियों को विकसित व सुरक्षित किया जा रहा है ताकि ग्राम स्तर पर आजीविका में वृद्धि तथा आसपास के पर्यावरण को संरक्षण किया जाता है। पिछले दिनों किये गये कार्यो के फलस्वरूप अब वहां पर चरागाह में विभिन्न प्रजातियों के पशु व पक्षी भी विचरण करने लगे है। उपखंड अधिकारी श्वेता चौहान ने जहाजपुर ब्लॉक में कई कार्यो का अवलोकन करने के बाद कहा कि वास्तव में चरागाह विकास व जल संरक्षण के बेहतरीन कार्य हुए है, इस प्रकार के कार्य शाहपुरा पंचायत समिति क्षेत्र में भी कराये जायेगें। उन्होंने मौके पर ही विकास अधिकारी, मनरेगा एपीओ व जेटीए को निर्देश दिया कि अगले पखवाड़े में इस प्रकार के कार्य शाहपुरा में भी प्रांरभ किये जाए। राय ने बताया कि जहाजपुर एवं शाहपुरा में चारागाह भूमि लगभग 25 हजार हेक्टेयर से ज्यादा है। यह जमीन बिना देखरेख व बिना प्रबंधन के आंशिक रूप से अतिक्रमियों के कब्जे की भेंट चल रही है। फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी एफसीएस एवं स्थानीय प्रशासन ग्राम पंचायत के संग मिलकर एक नवीन योजना का सपना सृजित किया गया है। इस योजना में इन जमीनों को गांव स्तर पर समिति संगठन के द्वारा कार्य योजना बनाकर महात्मा गांधी नरेगा योजना के माध्यम से विकास करने की योजना बनाई गई है। उन्होंने बताया कि सबसे बड़ी बात हमारी गौ माता जो आज रास्ते पर आकर मरने पर मजबूर हो रही हैं। वह हमारे चारागाह में सुनिश्चित होकर चर पाएंगे। इसी संस्था द्वारा इस वर्ष लगभग 4000 हेक्टेयर जमीन पर पौधारोपण बीजारोपण कर विकास करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। हिन्दुस्थान समाचार/मूलचन्द पेसवानी/ ईश्वर-hindusthansamachar.in