उदयपुर रेलवे स्टेशन सहित रेलवे के निजीकरण के खिलाफ प्रर्दशन कर ज्ञापन सौंपा
उदयपुर रेलवे स्टेशन सहित रेलवे के निजीकरण के खिलाफ प्रर्दशन कर ज्ञापन सौंपा
राजस्थान

उदयपुर रेलवे स्टेशन सहित रेलवे के निजीकरण के खिलाफ प्रर्दशन कर ज्ञापन सौंपा

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उदयपुर, 17 जुलाई (हि.स.)। भारतीय केंद्रीय ट्रेड यूनियन (सीटू) के अखिल भारतीय आह्वान पर सीटू जिला कमेटी उदयपुर ने शारीरिक दूरी बनाकर रेलवे स्टेशन पर प्रर्दशन, नारेबाजी कर स्टेशन अधीक्षक मुकेश जोशी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंप। ज्ञापन में तेजस सहित 109 मार्गों पर निजी ट्रेन चलाने का प्रस्ताव वापस लेने, रेलवे के निजीकरण की सभी प्रकिया को रद्द करने, रेलवे द्वारा 2 जुलाई को कोरोना के नाम पर खत्म किए गए 50 प्रतिशत पद बहाल करने तथा नई भर्ती पर एक वर्ष के लिए लगाई गई रोक खत्म कर खाली पदों पर नियुक्ति करने सहित कई मांगें की गईं। रेलवे स्टेशन उदयपुर के मुख्य प्रवेश द्वार पर प्रदर्शन के दौरान सीटू जिलाध्यक्ष व पूर्व पार्षद राजेश सिंघवी ने कहा कि केंद्र सरकार उदयपुर रेलवे स्टेशन को बेचने की दो बार बोली लगा चुकी है जबकि कोई खरीदार नहीं मिला, फिर भी रेल मंत्री उदयपुर रेलवे स्टेशन को बेचने पर आमादा है। उदयपुर की जनता को झंडे - डंडे की लड़ाई को छोडक़र उदयपुर की संपत्ति को बचाने के लिए आगे आना चाहिए। पूर्व स्टेशन अधीक्षक देबारी व सीटू नेता हबीब जुम्मा खां ने कहा कि रेलवे ने हर परिस्थिति में देश की जनता को, अच्छी से अच्छी सेवा उपलब्ध करवाई है। हमारे जैसे लाखों कर्मचारियों ने कम संसाधनों में मेहनत से रेलवे को खड़ा किया है। आज भाजपा सरकार ठेका प्रथा को बढ़ाकर अब रेलवे को बेचने पर आमादा है। हिन्दुस्थान समाचार/सुनीता/ ईश्वर-hindusthansamachar.in