उदयपुर के खेल गांव में व्यावसायीकरण पर हाईकोर्ट ने जारी किए नोटिस
उदयपुर के खेल गांव में व्यावसायीकरण पर हाईकोर्ट ने जारी किए नोटिस
राजस्थान

उदयपुर के खेल गांव में व्यावसायीकरण पर हाईकोर्ट ने जारी किए नोटिस

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उदयपुर, 15 सितम्बर (हि.स.)। उदयपुर के महाराणा प्रताप खेल गांव के विभिन्न हिस्सों को निजी हाथों को गैर खेल गतिविधियों के लिए किराये पर दे दिए जाने सहित अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को रोकने की याचिका पर जोधपुर हाईकोर्ट की डबल बैंच ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर 15 अक्टूबर तक जवाब तलब किया है। याचिकाकर्ता उदयपुर के फतहनगर निवासी मनोज अग्रवाल की याचिका पर हाईकोर्ट ने राजस्थान सरकार, जिला कलेक्टर, यूआईटी, राज्य क्रीड़ा परिषद, सीबीएसई, महाराणा प्रताप खेलगांव सोसायटी, एसपी एंटरप्राइजेज, नीरजा मोदी स्कूल को नोटिस जारी किए हैं और आगामी आदेश तक वहां चल रहे किसी भी तरह के निर्माण कार्य पर रोक लगाते हुए यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। याचिकाकर्ता फतहनगर निवासी मनोज अग्रवाल ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि उसने एक लाख रुपये शुल्क देकर महाराणा प्रताप खेलगांव सोसायटी की सदस्यता प्राप्त की। लेकिन वहां पता चला कि राजस्थान क्रीड़ा परिषद को 280 बीघा जमीन खेलों के विकास के लिए करोड़ों रुपये सरकार ने ही प्रदान किए हैं। यहां तक कि जनजाति बच्चों में से खिलाडिय़ों को तराशने का भी संकल्प इस परियोजना में शामिल है। यहां बने कन्वेंशन सेंटर के लिए भी सारा पैसा सरकार का लगा। लेकिन, खेल के विकास के बजाय पहले इस कन्वेंशन सेंटर को एसपी एंटरप्राइजेस को 6.32 लाख रुपये प्रतिमाह की दर से किराये पर दे दिया गया। टेंडर के वक्त सबलेट का कोई जिक्र नहीं था, लेकिन एसपी एंटरप्राइजेज ने इस कन्वेंशन सेंटर के महज 20 प्रतिशत हिस्से को नीरजा मोदी स्कूल के संचालकों को 15 लाख रुपये महीने में सबलेट कर दिया। यह कन्वेंशन सेंटर 1 लाख 44 हजार वर्ग फीट में निर्मित है। याचिकाकर्ता की पीड़ा यह है कि जब खेलों के लिए यह परियोजना शुरू हुई और खेलों और खिलाडिय़ों के विकास के नाम पर ही सारा पैसा आया, तो यहां निजी स्कूल क्यों संचालित हो रहा है। अब तो यहां मल्टीप्लेक्टस और मैरिज गार्डन की भी तैयारी है। और तो और अभी तो अवैध सबलेट के चलते नीरजा मोदी स्कूल को सीबीएसई की मान्यता कैसे मिल गई, इसलिए याचिकाकर्ता ने सीबीएसई को भी पार्टी बनाया है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सज्जन सिंह राठौड़ पक्ष रख रहे हैं। हिन्दुस्थान समाचार/सुनीता कौशल/संदीप-hindusthansamachar.in