इंस्पायर अवार्ड: झुंझुनू जिले ने फिर पूरे देश में जमाई धाक
इंस्पायर अवार्ड: झुंझुनू जिले ने फिर पूरे देश में जमाई धाक
राजस्थान

इंस्पायर अवार्ड: झुंझुनू जिले ने फिर पूरे देश में जमाई धाक

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(विशेष) झुंझुनू, 23 दिसंबर(हि.स.)। इंस्पायर अवार्ड मानक योजना जो पूरे देश में बाल वैज्ञानिकों के चयन के लिए संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत झुंझुनू जिले ने गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी राष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहराया है। गत वर्ष झुंझुनू जिला बाल वैज्ञानिकों से आइडिया अपलोड करवाने में पूरे देश में चौथे स्थान पर रहा था। उसके बाद चयनित विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर देश में दूसरे स्थान पर रहा। अपनी इस उत्कृष्ट उपलब्धि को दोहराते हुए एक बार फिर झुंझुनू जिले ने पूरे देश में नॉमिनेशन में तीसरा व चयनित बालकों की संख्या में आठवां स्थान प्राप्त किया है। इस वर्ष राजस्थान में करीब डेढ़ लाख आइडियाज बाल वैज्ञानिकों द्वारा ऑनलाइन अपलोड किए गए थे। जिनमें से केवल 2000 विद्यालय वाले छोटे से जिले झुंझुनूं ने 10 हजार से अधिक नॉमिनेशन करवा कर राजस्थान में ही नहीं पूरे देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया था। भारत सरकार के विज्ञान एवं तकनीकी मंत्रालय व राष्ट्रीय प्रवर्तन संघ के वैज्ञानिकों द्वारा चयन प्रक्रिया के बाद झुंझुनू ने न केवल राजस्थान में दूसरा स्थान प्राप्त किया। बल्कि देश मे भी टॉप टेन में जगह बनाते हुए आठवां स्थान प्राप्त किया है व विद्यार्थियों के आइडियाज की क्वालिटी साबित की। राजस्थान में जयपुर जिला 942 चयनित विद्यार्थियों के साथ प्रथम स्थान पर, झुंझुनू 562 चयन के साथ दूसरे स्थान पर, अलवर 531 चयन के साथ तीसरे स्थान पर रहा है। पूरे देश में 51707 बाल वैज्ञानिकों का चयन हुआ है। जिनमें से 8027 अकेले राजस्थान के चयनित हुए। देश के 29 राज्यों में कुल चयनित का लगभग 16 प्रतिशत केवल राजस्थान के हिस्से में आया है। इन 8027 चयनित विद्यार्थियों को आठ करोड़ दो लाख सत्तर हजार की पुरस्कार राशि सीधे उनके बैंक खातों में आएगी। गत वर्ष राजस्थान में 25444 नॉमिनेशन हुए थे। जिनमें से 2019 बाल वैज्ञानिकों का चयन हुआ था। लेकिन इस वर्ष लगभग चार गुणा बाल वैज्ञानिक चयनित हुए हैं। इंस्पायर अवार्ड मानक योजना भारत सरकार के विज्ञान एवं तकनीकी मंत्रालय द्वारा 2010 में शुरू की गई थी। जिसको राष्ट्रीय परिवर्तन संघ (एनआईएफ़) के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इस योजना में कक्षा 6 से 10 में अध्ययनरत बाल वैज्ञानिकों द्वारा उनके दिमाग में आने वाले वैज्ञानिक सोच पर आधारित आइडियाज को ऑनलाइन इंस्पायर अवार्ड मानक योजना की वेबसाइट पर अपलोड करना होता है। उनको इस प्रक्रिया में संबंधित विद्यालय और मेंटर टीचर सहयोग करते हैं। आइडिया अपलोड करने के बाद पूरे देश से जितने भी आईडिया जाते हैं। उनमें से लगभग एक लाख आइडियाज को चयनित करने का उद्देश्य रहता है। इस वर्ष इटावा 51707 बाल वैज्ञानिकों का चयन किया गया है। इन सभी चयनित बाल वैज्ञानिकों की अपने-अपने जिलों में अब उनके आइडियाज पर आधारित जिला स्तरीय प्रदर्शनीयां पूरे देश में आयोजित करवाई जाएगी। इन प्रदर्शनियों में ये बाल वैज्ञानिक अपने अपने आइडियाज अपने मॉडल के माध्यम से प्रदर्शित करेंगे। इन जिला स्तरीय प्रदर्शनी के आधार पर पूरे देश से लगभग 10 हजार बाल वैज्ञानिकों का चयन राज्य स्तरीय प्रदर्शनी के लिए किया जाएगा तथा सभी राज्यों की राज्य स्तरीय प्रदर्शनी के बाद 1000 बाल वैज्ञानिकों को राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी के लिए चयनित किया जाएगा। इन 1000 बाल वैज्ञानिकों को अपने आइडियाज व मॉडल प्रदर्शित करने के लिए देश के विख्यात आईआईटी संस्थानो में प्रदर्शन का अवसर मिलेगा। इनमें से 16 बाल वैज्ञानिकों का अंतिम स्तर पर चयन होगा। जिनको अपने मॉडल व आइडियाज की प्रदर्शनी लगाने के लिए राष्ट्रपति भवन में जाने का सौभाग्य मिलेगा। राष्ट्रपति द्वारा इन बाल वैज्ञानिकों को पुरस्कृत किया जाएगा तथा इनमें से कुछ वैज्ञानिकों को विदेश यात्रा भी करवाई जाएगी। चयनित बाल वैज्ञानिकों को शुरू में रुपए 10000 की जो राशि दी जा रही है। इससे वे जिला स्तरीय व राज्य स्तरीय प्रदर्शनी के लिए अपने मॉडल तैयार करने में राशि को खर्च कर सकेंगे। अगर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी के बाद इनका चयन राष्ट्रीय स्तर के लिए होता है तो राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित बाल वैज्ञानिकों को रुपए 25000 की अतिरिक्त राशि प्रदान की जाएगी। हिन्दुस्थान समाचार / रमेश/संदीप-hindusthansamachar.in