अलवर में रक्षाबंधन पर इस बार फीका रहेगा पतंग का व्यापार
अलवर में रक्षाबंधन पर इस बार फीका रहेगा पतंग का व्यापार
राजस्थान

अलवर में रक्षाबंधन पर इस बार फीका रहेगा पतंग का व्यापार

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अलवर, 31 जुलाई (हि.स.)। शहर में रक्षाबंधन पर पतंग उड़ाने का प्रचलन काफी समय से चला आ रहा है लेकिन इस बार कोरोना महामारी का असर पतंग के व्यापार पर भी पड़ा है। हालांकि मालाखेड़ा बाजार में पतंगों की दुकान तो रक्षाबंधन से पूर्व लग गई है। लेकिन लॉक डाउन के कारण पतंग का व्यापार पहले की अपेक्षा उतना अधिक नहीं हो पा रहा है। दुकानदारों का कहना है कि इस बार लॉक डाउन के चलते लोग अपने घरों से निकलकर बाजारों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। प्रशासन के निर्धारित समय में ही बस लोग बाजार में पतंग खरीदने आ रहे हैं। ऐसे में इस बार लागत के पैसे निकलना भी मुश्किल हो रहा है। जिस कारण पतंग व्यापारियों को लाखों का घाटा हो रहा है। रक्षाबंधन से पूर्व मालाखेड़ा बाजार में पतंगों की कई दुकानें लगती है। पूरा बाजार पतंगों से सजा नजर आता है। लेकिन इस बार यह नजारा देखने को नहीं मिल रहा है। दुकाने तो लगी है लेकिन इस बार बाजार में कोई सजावट नहीं है। साथ ही गली मोहल्लों में भी इस बार कम ही दुकानों पर पतंगे बेची जा रही है। रक्षाबंधन के त्यौहार को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से सुबह 7 से 11 बजे तक का समय पतंग की दुकानों को खोलने का दिया गया है। दुकानदारों का कहना है कि इतने कम समय में ग्राहकों के अधिक पहुंचने से दुकानों पर भीड़ लग जाती है। जिससे दुकानदार और ग्राहक दोनों को परेशानी होती है। कोतवाली थाना क्षेत्र में कोरोनावायरस संक्रमण को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के कारण लोग अपने घरों में कैद हैं। जिस कारण शाम होते ही लोग अपने बच्चों के साथ छत पर पतंगों के साथ नजर आते हैं। शाम होते ही आसमान में पतंगे नजर आने लगती हैं। हिन्दुस्थान समाचार/ मनीष बावलिया/ ईश्वर-hindusthansamachar.in