अब बीएलओ नहीं, डीलर करेंगे घर-घर जाकर राशन कार्ड एकत्र
अब बीएलओ नहीं, डीलर करेंगे घर-घर जाकर राशन कार्ड एकत्र
राजस्थान

अब बीएलओ नहीं, डीलर करेंगे घर-घर जाकर राशन कार्ड एकत्र

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जयपुर, 18 नवम्बर (हि.स.)। केन्द्र सरकार की वन नेशन-वन राशन कार्ड योजनार्तंगत खाद्य सुरक्षा योजना में सभी उचित मूल्य की दुकानों को ऑनलाइन करने की योजना में घर-घर जाकर राशन कार्ड एकत्र करने का जिम्मा अब संबंधित राशन डीलर का होगा। सरकार ने समस्त लाभार्थियों के आधार नंबर राशन कार्ड के साथ लिंक कर सत्यापन का कार्य पूर्व में बीएलओ के जिम्मे किया था। बीएलओ को इस काम की ट्रेनिंग भी दे दी गई थी। तकनीकी समस्या के चलते सीडिंग का कार्य नहीं हो पाया। अब सरकार ने यह जिम्मा राशन डीलर्स को दे दिया है। वे घर-घर जाकर राशन कार्ड एकत्र कर ई-मित्र पर पहुंच आधार सीडिंग करवा सत्यापन का कार्य करेंगे। राज्य में करीब 27 हजार उचित मूल्य की दुकानें हैं, जिनमें प्रत्येक दुकान पर करीब 400 राशन कार्ड है। इस काम के बदले बीएलओ को दस रुपए प्रति राशन कार्ड के हिसाब से मानदेय देना तय किया गया था। ये तय हुआ था कि बीएलओ के पास स्मार्टफोन एंड्रायड एवं इंटरनेट पैक का होना अनिवार्य है ताकि वह काम कर सकें। केंद्र सरकार ने एक जून से 20 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी सेवा नवन नेशन वन राशन कार्ड योजना लागू की थी। देश में अब तक 23.5 करोड़ राशन कार्ड में से 90 फीसदी आधार से लिंक हो चुके है। योजना का उद्देश्य था कि कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन में पलायन करने वाले मजदूरों व आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को रियायती दाम पर अनाज मिल सके। योजना उत्तर प्रदेश, बिहार, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान, कर्नाटक, केरल, मध्यप्रदेश, गोवा, हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों में लागू हो गई है। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/ ईश्वर-hindusthansamachar.in