पंजाब

साधू सिंह धर्मसोत की तरफ से सरदूल सिकंदर की मौत पर दुख का प्रगटावा

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पंजाब के कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धर्मसोत ने प्रसिद्ध पंजाबी गायक सरदूल सिकंदर की मौत पर दुख का प्रगटावा किया है। स. धर्मसोत ने कहा कि सरदूल सिकंदर के चल जाने से कला जगत के साथ-साथ पंजाबी समाज को कभी न पूरा होने वाला घाटा पड़ा है। उन्होंने कहा कि पंजाबी गायकी के क्षेत्र में डाले विलक्षण योगदान के लिए सरदूल सिकंदर को रहती दुनिया तक याद रखा जायेगा। वह अपने पीछे पत्नि और दो पुत्र छोड़ गये हैंँ ।

बीते दिनों स. धर्मसोत फोर्टिस अस्पताल, मोहाली में सरदूल सिकंदर की सेहत का हाल जानने के लिए गए थे। सरदूल सिकंदर पिछले महीने कोरोना की लपेट में आ गए थे और वह मोहाली में उपचाराधीन थे। जिक्रयोग्य है कि 60 वर्षीय सरदूल सिकंदर, गाँव खेड़ी नौध सिंह, जिला फतेहगढ़ साहिब, की पैदायश थे, जो करीब दो दशक पहले गाँव से खन्ना, जिला लुधियाना बस गए थे। उनके दो भाई गमदूर अमन और भरपूर अली परिवार समेत गाँव खेड़ी नौध सिंह ही रहते थे। दो दशक पहले सरदूल सिकंदर के बड़े भाई और सूफी गायक गमदूर अमन इस संसार को अलविदा कह गए थे और छोटे भाई और प्रसिद्ध तबला वादक उस्ताद भरपूर अली करीब एक साल पहले इस दुनिया से चल बसे थे।

सरदूल सिकंदर ने पांचवी तक की शिक्षा प्राईमरी स्कूल चंदन खेड़ी सिंह से हासिल की थी। सरदूल सिकंदर को गायकी विरासत में मिली थी। छोटी आयु में उन्होंने गाना शुरू कर दिया था। सरदूल सिकंदर के पिता उस्ताद सागर मस्ताना खेड़ी नौध सिंह नजदीकी गाँव हरगना के निवासी थे, जो बाद में खेड़ी नौध सिंह आकर रहने लग पड़े थे।