Dushyant Chautala will bring privilege breach motion against Abhay Chautala
Dushyant Chautala will bring privilege breach motion against Abhay Chautala
पंजाब

अभय चौटाला के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएंगे दुष्यंत चौटाला

news

वायरल इस्तीफे में विधानसभा को संवेदनहीन बताने पर घेरने की तैयारी चंडीगढ़, 14 जनवरी (हि. स.)। इनेलो विधायक अभय चौटाला के इस्तीफे पर शुरू हुआ विवाद आने वाले दिनों में गहरा सकता है। अभय चौटाला के वायरल इस्तीफे की शब्दावली अब उनके लिए मुसीबत बन सकती है। अभय चौटाला के भतीजे एवं डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने इस पत्र में इस्तेमाल की गई भाषा को आधार बनाकर उनके विरूद्ध विधानसभा में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की बात कही है। अभय ने जिस भाषा में इस्तीफा लिखा है, उसे कानून विशेषज्ञ भी इस्तीफा नहीं मान रहे हैं। अभय चौटाला ने स्पीकर को लिखे पत्र-कम-इस्तीफे में कृषि से जुड़े तीनों कानूनों को मुद्दा बनाया है। कानूनों को काले कानून बताते हुए उन्होंने कहा कि किसान पिछले करीब 50 दिनों से ठंड में दिल्ली बार्डर पर डटे हैं, लेकिन केंद्र सरकार कोई सुनवाई नहीं कर रही। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है, 'जिस प्रकार की परिस्थितियां बनाई गई हैं, उन्हें देखते हुए ऐसा नहीं लगता कि विधानसभा के एक जिम्मेदार सदस्य के रूप में मैं कोई ऐसी भूमिका इन परिस्थितियों में निभा सकूं, जिससे किसानों के हितों की रक्षा की जा सके। अभय ने इस पत्र के आखिरी में लिखा है कि ‘अत:एक संवेदनहीन विधानसभा में मेरी मौजूदगी कोई महत्व नहीं रखती’। इन सभी हालातों को देखते हुए यदि केंद्र सरकार इन तीन काले कानूनों को 26 जनवरी तक वापस नहीं लेती तो इस पत्र को विधानसभा से मेरा त्याग-पत्र समझा जाए। दुष्यंत ने कहा कि विधानसभा को संवेदनहीन बताते को पूरे हाउस का अपमान बताते हुए कहा कि अगले विधानसभा सत्र में अभय चौटाला के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर भाजपा-जेजेपी विधायकों के अलावा कांग्रेस विधायकों के भी हस्ताक्षर करवाए जाएंगे क्योंकि अभय ने पूरे सदन का अपमान किया है। यह विधानसभा की तौहीन है और इसे माफ नहीं किया जा सकता। चौटाला परिवार का बिखराव लगातार बढ़ता जा रहा है। इन दिनों दोनों में किसी तरह के संबंध नहीं हैं। अभय ने अपने बेटों के विवाह में भी अपने बड़े भाई डॉ़ अजय सिंह चौटाला के परिवार को निमंत्रण तक नहीं दिया। बहरहाल, किसानों के बड़े वोट बैंक को देखते हुए अभय द्वारा चली इस सियासी चाल के परिणाम क्या होंगे, इस बारे में तो कह नहीं सकते लेकिन इस मुद्दे पर राजनीति जरूर गरमा गई है। हुड्डा पर पलटवार करते हुए कहा कि वे जब चाहें अविश्वास प्रस्ताव ले आएं, हम तैयार हैं। हिन्दुस्थान समाचार/संजीव/ नरेन्द्र जग्गा-hindusthansamachar.in

AD
AD