पश्चिम रेलवे ने लॉकडाउन के दौरान 1008 पार्सल विशेष ट्रेनों का परिचालन किया

पश्चिम रेलवे ने लॉकडाउन के दौरान 1008 पार्सल विशेष ट्रेनों का परिचालन किया
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मुंबई, 24 मार्च, (हि. स.)। पश्चिम रेलवे की पार्सल विशेष ट्रेनें कोविड महामारी के कठिन समय में भी देश भर में अत्यावश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बखूबी सुनिश्चित कर रही हैं। विभिन्न बाधाओं और श्रमिकों की कमी के बावजूद, पश्चिम रेलवे ने लॉकडाउन के दौरान कुल 1008 पार्सल विशेष ट्रेनों को चलाकर 1000 पार्सल विशेष ट्रेनों के परिचालन के बड़े आंकड़े को पार कर लिया है। पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक आलोक कंसल के मार्गदर्शन और निगरानी के कारण यह उपलब्धि संभव हो पाई है। कंसल ने पश्चिम रेलवे की टीम को इस अहम उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी है। कोविड महामारी को देश में आए हुए एक साल हो चुका है और इस दौरान पश्चिम रेलवे लोगों की सेवा के अपने सामाजिक दायित्व को पूरी तत्परता से निभा रही है। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी सुमित ठाकुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पश्चिम रेलवे के प्रधान कार्यालय और मंडलों में नए ट्रैफिक को आकर्षित करने के लिए गठित बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट्स (BDU) ने माल ढुलाई को बढ़ावा देने में प्रमुख भूमिका निभाई है। बीडीयू के प्रयासों के कारण पश्चिम रेलवे के माल यातायात ने अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं को पार कर लिया है। प्याज, रासायनिक रंग, वस्त्र आदि को गुजरात से बांग्लादेश भेजा गया है। बीडीयू ने गैल्वेनाइज्ड बक्से, बांस की लुगदी आदि जैसे नए यातायात का पता लगाया है। 23 मार्च, 2020 से 22 मार्च, 2021 तक पश्चिम रेलवे द्वारा अपनी 1008 पार्सल विशेष ट्रेनों के माध्यम से लगभग 2.98 लाख टन सामग्रियों का परिवहन किया गया है, जिनके अंतर्गत मुख्य रूप से कृषि उत्पाद, दवाइयां, मछली, दूध आदि शामिल हैं। इस परिवहन के माध्यम से राजस्व लगभग 106.63 करोड़ रुपये रहा है। इस अवधि के दौरान पश्चिम रेलवे द्वारा 183 मिल्क विशेष ट्रेनें चलाई गईं, जिनमें वैगनों का शत-प्रतिशत उपयोग करते हुए लगभग 1.35 लाख टन का लदान किया गया। इसी प्रकार, 80 हजार टन से अधिक भार वाली 620 कोविड-19 पार्सल विशेष ट्रेनें भी विभिन्न अत्यावश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए चलाई गईं। इनके अतिरिक्त, लगभग शत-प्रतिशत उपयोग के साथ 56 हजार टन का भार वहन करने वाले 123 इंडेंटेड रेक भी चलाये गये। 27 हजार टन से अधिक का भार वहन करने वाली 82 किसान रेल स्पेशल ट्रेनें अब तक चलाई गई हैं। लॉकडाउन की अवधि के दौरान, 22 मार्च, 2020 से 22 मार्च, 2021 तक पश्चिम रेलवे द्वारा 77.85 मिलियन टन की अत्यावश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए माल गाड़ियों के कुल 35,171 रेकों का उपयोग किया गया है। अन्य जोनल रेलों के साथ 72,823 मालगाड़ियों को इंटरचेंज किया गया है, जिनमें 36,469 ट्रेनों को हैंडओवर किया गया और 36,359 ट्रेनों को अलग-अलग इंटरचेंज पॉइंटों पर टेकओवर किया गया। हिन्दुस्थान समाचार/दिलीप

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