लॉकडाउन के दौरान पश्चिम रेलवे ने ई-नीलामी के जरिये 45 करोड़ रु. मूल्य की स्क्रैप बिक्री की
लॉकडाउन के दौरान पश्चिम रेलवे ने ई-नीलामी के जरिये 45 करोड़ रु. मूल्य की स्क्रैप बिक्री की
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लॉकडाउन के दौरान पश्चिम रेलवे ने ई-नीलामी के जरिये 45 करोड़ रु. मूल्य की स्क्रैप बिक्री की

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भारतीय रेल पर सर्वाधिक स्क्रैप बिक्री का रिकॉर्ड दर्ज मुंबई, 1 अगस्त, (हि. स.)। कोरोना वायरस महामारी के कारण घोषित हुए लॉकडाउन ने जहां सब कुछ ठप कर दिया और ट्रेनों का परिचालन पूरी क्षमता के साथ न होने की वजह से रेलवे की आमदनी बुरी तरह से प्रभावित हुई, वहीं श्रेष्ठता की दिशा मे निरंतर प्रयासरत पश्चिम रेलवे की गति थमने के बजाय अनवरत जारी है। इसी क्रम में, पश्चिम रेलवे द्वारा एक नई उपलब्धि हासिल की गई है, जिसके अंतर्गत कोरोना वायरस महामारी के संकट के समय पश्चिम रेलवे के सामग्री प्रबंधन विभाग द्वारा रेलवे की विभिन्न गतिविधियों से रिलीज की गई अनुपयोगी सामग्री (स्क्रैप) की बिक्री करके रेलवे की आमदनी बढ़ाने में सक्रियता से कार्य किया गया। पश्चिम रेलवे द्वारा लॉकडाउन के दौरान कुल 45 करोड़ रु. मूल्य के स्क्रैप की बिक्री की गई है, जो पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक आलोक कंसल एवं पश्चिम रेलवे के प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक जे पी पांडेय के ऊर्जावान नेतृत्व एवं कुशल मार्गदर्शन में रेलवे के समस्त जोनों में की गई सर्वाधिक बिक्री है। महाप्रबंधक कंसल ने प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक जे पी पांडेय और उनके समर्पित योद्धाओं की पूरी टीम को इस सराहनीय कार्य के लिए हार्दिक बधाई दी है। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी सुमित ठाकुर के अनुसार पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक के निर्देशों के अनुरूप सभी मंडलों पर माह अप्रैल और मई, 2020 में कारखानों और रेल पथ के किनारे पड़े हुए सभी स्क्रैप की पश्चिम रेलवे के सामग्री प्रबंधन विभाग द्वारा पहचान की गई। माह जून, 2020 में स्क्रैप की बिक्री शुरू की गई और अब तक 45 करोड़ रु. की स्क्रैप की बिक्री की जा चुकी है। विभाग द्वारा प्रत्येक माह में दो बार महालक्ष्मी, साबरमती, प्रताप नगर डिपो तथा मुंबई, वड़ोदरा, रतलाम, अहमदाबाद, राजकोट एवं भावनगर मंडलों के जरिये पारदर्शितापूर्ण ढंग से ई-नीलामी की गई। ये नीलामी शत-प्रतिशत ऑनलाइन की गई, जिसमें देश के हर कोने से कोई भी भाग ले सकता था। अनसर्विसेबल रेल्स, स्लीपरों, अनुपयोगी लोकोमोटिव, कोचों, वैगनों जेसी ट्रैक सम्बंधी सामग्री तथा विभिन्न शेडों और कारखानों से निकली हुई अनसर्विसेबल फेरस एवं नॉन फेरस सामग्री की बिक्री इस ई-नीलामी के जरिये की गई। महाप्रबंधक कंसल और प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक पांडेय के निर्देशों के अंतर्गत पश्चिम रेलवे को सम्पूर्ण स्क्रैप मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। पश्चिम रेलवे ने अभी तक जीरो - स्क्रैप स्टेटस हेतु कारखानों में 100%, स्टेशनों पर 65%, शेड/ डिपो से 50% और रेल सेक्शनों में 30% का प्रतिशत प्राप्त किया है। उल्लेखनीय है कि सभी जोनल रेलों में पश्चिम रेलवे ने विगत दो वित्तीय वर्षों से निरंतर क्रमशः 537 करोड रुपए और 533 करोड रुपए की स्क्रैप बिक्री कर सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। पश्चिम रेलवे द्वारा चालू वर्ष के अंत तक अपने सभी कार्य स्थलों के लिए 100 प्रतिशत स्क्रैप फ्री स्टेटस प्राप्त करने हेतु हरसम्भव प्रयास किये जा रहे हैं। हिन्दुस्थान समाचार/दिलीप / राजबहादुर-hindusthansamachar.in