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महाराष्ट्र

बिजली बिल में छूट पर महाराष्ट्र सरकार कर रही टालमटोल

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मुंबई, 04 मार्च (हि.स.)। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अगुवाईवाली आम आदमी पार्टी ने महाराष्ट्र सरकार पर बिजली बिल में छूट देने में टालमटोल करने का आरोप लगाया है। आप पार्टी का आरोप है कि महामारी और लॉकडाउन ने लोगों के जीवन में तमाम कठिनाइयां पैदा की हैं। लोगों को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बावजूद इसके राज्य सरकार और बिजली कंपनियां सामान्यों के साथ क्रूर मजाक कर रही हैं। लोगों को राहत देने में टालमटोल का रवैया अपनाया जा रहा है। आप पार्टी ने आरोप लगाया कि बिजली उपभोक्ताओं को अनाप शनाप बिल भेजे गए और भुगतान न करने पर उनके कनेक्शन काट दिए गए। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने बुधवार को कनेक्शन न काटने का आदेश दिए हैं। परंतु बढ़े हुए गैरवाजिब बिलों में संशोधन संबंधी मुख्य शिकायत पर वे चुप्पी साध गए। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, ऊर्जा मंत्री नितिन राउत व बिजली कंपनियों को पत्र लिखकर मांग की गई है कि इन बढ़े हुए अवास्तविक बिलों को वापस लिया जाए और उपभोक्ताओं को राहत दी जाए। आम पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रीति शर्मा मेनन के अनुसार बिजली आवश्यक सेवा है। आज लोग घर से काम कर रहे हैं और विद्यार्थी घर से ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। उन्हें बिजली से वंचित करना उन्हें शिक्षा के अधिकार, आजीविका के अधिकार और यहां तक कि जीने के अधिकार से वंचित करने जैसा है। यह उनका हक है और किसी भी बिजली कंपनी को उनके मौलिक अधिकार छीनने का कोई अधिकार नहीं है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार अपने लगभग 70% नागरिकों को मुफ्त बिजली देती है और वहां के सभी डिस्कॉम बिना किसी नुकसान के सरकार का सहयोग करते हैं। महाराष्ट्र में भी नागरिकों को लाभ पहुंचाने के लिए आसानी से टैरिफ कम किया जा सकता है। शिवसेना ने अपने पिछले चुनाव घोषणापत्र में बिजली दरों में 30 प्रतिशत छूट का वादा किया था। ऐसा न होकर, उसी पार्टी की सरकार के शासन में उपभोक्ताओं को चार गुना, दस गुना तक बिजली बिल भेजा जा रहा है। दो दिन पहले तक लोगों के कनेक्शन बेरहमी से काटे जा रहे थे और नागरिकों को पीड़ित किया जा रहा था। प्रीति के अनुसार तत्काल काटे गए कनेक्शन जोड़े जाएं और भविष्य में कभी ऐसी परिस्थिति पैदा होने पर कनेक्शन न काटे जाएं। कोरोना महामारी के मद्देनजर बिजली बिल की राशि में छूट दी जाए। जिन ग्राहकों के बिल बहुत बढ़ा चढ़ा कर दिए गए हैं, उसकी पूरी जांच की जाए और सही सही बिल दिया जाए। इसके बाद उस पर सुनवाई हो और ग्राहकों को किस्तों में भुगतान की सुविधा दी जाए। जहां कहीं भी बिल को लेकर विवाद होता है, सबसे पहले उपभोक्ताओं को सुनने का अधिकार देने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाकर लोगों को परेशान किया गया तो पार्टी इसे सहन नहीं करेगी और तीव्र आंदोलन करेगी। हिन्दुस्थान समाचार/ विनय