नांदेड़ के महापौर और उपमहापौर का चुनाव तीन महीने आगे बढ़ा
नांदेड़ के महापौर और उपमहापौर का चुनाव तीन महीने आगे बढ़ा
महाराष्ट्र

नांदेड़ के महापौर और उपमहापौर का चुनाव तीन महीने आगे बढ़ा

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मुंबई, 23 जुलाई (हि. स.)। नांदेड़ के महापौर और उपमहापौर पद का चुनाव तीन महीने आगे बढ़ाने और दोनों पदों का कार्यकाल बढ़ाने के लिए अध्यादेश में संशोधन करने के प्रस्ताव को गुरुवार को मंत्रिमंडल के बैठक में मंजूरी दी गई। नांदेड़ महानगरपालिका के विद्यमान महापौर और उपमहापौर पद का ढाई साल का कार्यकाल 01.05.2020 को समाप्त हो रहा है और कोरोना वायरस के संकट के कारण स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए वहां चुनाव कराना संभव नहीं है। कोरोना महामारी के कारण महापौर और उपमहापौर का चुनाव 3 महीने आगे बढ़ाने और उनका कार्यकाल बढ़ाने के लिए एक अध्यादेश जारी किया गया था। यह अध्यादेश 27.04.2020 से लागू हुआ है और यह विस्तार तीन महीने की अवधि के लिए अर्थात 27.07.2020 तक वैध है। उपरोक्त अध्यादेश द्वारा दिया गया विस्तार 27 जुलाई 2020 को समाप्त हो रहा है। राज्य में कोरोना वायरस के संक्रमण की व्यापकता अभी भी कायम है। लिहाजा महापौर और उपमहापौर पद का चुनाव आगामी तीन महीने बढ़ाने के लिए अध्यादेश में संशोधन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। को-ऑपरेटिव सोसाटियों के अधिनियम में संशोधन को मंजूरी महाराष्ट्र सहकारी समिति अधिनियम, 1960 की विभिन्न धाराओं में संशोधन करने का निर्णय भी मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। इसके तहत कोरोना की पृष्ठभूमि में वार्षिक सर्व साधारण सभा की बैठक और ऑडिट की अवधि बढ़ाने के लिए संशोधन किया जाएगा। महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव सोसायटी अधिनियम, 1960 की धारा 27 के प्रावधानों के अनुसार, संस्था के केवल सक्रिय सदस्य ही संस्था के चुनाव में मतदान कर सकते हैं। संगठन का एक सक्रिय सदस्य बनने के लिए, कुछ न्यूनतम सेवा लेना और 5 वर्षों में कम से कम एक बार वार्षिक आम बैठक में भाग लेने के लिए आवश्यक है। हालाँकि कोरोना महामारी के प्रकोप के कारण, धारा 75 के प्रावधानों के अनुसार राज्य की सहकारी समितियों की वार्षिक आम बैठक 30 सितंबर 2020 तक लेना संभव नहीं है। संस्था के सदस्य निष्क्रिय हो सकते हैं और मतदाता सूची से बाहर हो जाने से संगठन के आगामी चुनावों में मतदान से वंचित हो सकते हैं। इससे बचने के लिए, धारा 27 में संशोधन करने और सामान्य बैठक की अवधि बढ़ाने के लिए धारा 75 को संशोधित कर 31 मार्च 2021 तक बैठक आयोजित करने की समय सीमा बढ़ाई गई है। इसीतरह धारा 81 के प्रावधानों के अनुसार, प्रत्येक संगठन को वित्तीय वर्ष के अंत से 4 महीने की अवधि के भीतर अपना ऑडिट पेश करने की आवश्यकता होती है। लेकिन वर्तमान में कोरोना संकट के कारण 31 जुलाई 2020 से पहले ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करना संभव नहीं है, इसलिए धारा 81 की उपधारा 1 में ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करने की अवधि को बढ़ाकर 31.12.2020 करने के लिए धाराओं में संशोधन करने की अनुमति दी गई है। कोविद -19 बीमारी के कारण 250 से कम सदस्यों वाली सहकारी आवास समितियों के चुनाव को आगे बढ़ा दिया गया है। इसलिए जिन हाउसिंग सोसाइटियों के पांच वर्ष का कार्यकाल समाप्त हो गया है, यैसे संस्थाओं के समिति सदस्यों की नई समिति बनने तक नियमित सदस्य के तौर पर कार्यरत रखने के लिए धारा 154-बी की उप-धारा 19 (3) में प्रावधान करने को मंजूरी दी गई है। हिन्दुस्थान समाचार/ विनय/राजबहादुर-hindusthansamachar.in