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महाराष्ट्र

सीमा विवाद पर एकजुट हो जाएं सभी पार्टियां - मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

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मुंबई, 27 जनवरी (हि.स.)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने महराराष्ट्र - कर्नाटक सीमा विवाद पर कहा है कि कर्नाटक सरकार सीमा क्षेत्र में मराठी को समाप्त करने में लगी है। इस कोशिश को रोका जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुद्दे की लेकर राज्य के सभी दलों के नेताओं को सारे मतभेद भूलकर एकजुट हो जाना चाहिए और केंद्र सरकार के सामने आक्रमकता के साथ अपना पक्ष रखना चाहिए। महाराष्ट- कर्नाटक सीमा मामले को लेकर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्चाधिकारी समिति की बैठक सहयाद्री राज्य अथितिगृह में आयोजित की गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक का मराठी क्षेत्र महाराष्ट्र में शीघ्र शामिल किया जाए। इसलिए केंद्र के सामने सभी दलों को एकजुट होकर आक्रमकता के साथ अपनी भूमिका रखनी होगी। सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई अभी लंबित है। लेकिन कर्नाटक सीमा क्षेत्र में मराठी भाषा को मिटाने की कोशिश कर रहा है। इसे रोकना ही होगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में निरंतर फालोअप लिया जाना चाहिए। उसके लिए समन्वयक मंत्री और सीमा प्रश्न केंद्र के वकील व विभिन्न वर्गो से तालमेल बिठाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो राज्यों का विवाद यदि कोर्ट में चल रहा है तो केंद्र को अभिभावक व निष्पक्ष भूमिका अपनानी चाहिए। इस मामले का फैसला आने तक स्तिथि को ‘जैसे थे’ बनाए रखने के लिए जल्द से जल्द फालोअप लेना होगा। यह मराठी क्षेत्र शीघ्र महाराष्ट्र में शामिल हो, इसलिए सभी लोगों को सारे भेदभाव भूलकर एकजुट होकर काम करना होगा। राज्य की सभी पार्टियों को एकजुट होकर केंद्र के सामने पक्ष रखना चाहिए कि यह क्षेत्र मराठी है और महाराष्ट्र का है। बै बैठक में राकांपा अध्यक्ष शरद पवार, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, सीमा क्षेत्र के समन्वय मंत्री एकनाथ शिंदे, रसद मंत्री छगन भुजबल, मराठी भाषा मंत्री सुभाष देसाई, विधान परिषद में विपक्ष के नेता प्रवीण दरेकर, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार अजोय मेहता, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव आशिष कुमार सिंह, महाधिवक्ता एड. आशुतोष कुंभकोणी वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज सौनिक, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव विकास खारगे, विधि विभाग के प्रधान सचिव राजेश लढ्ढा, मुख्यमंत्री के सचिव आबासाहेब जऱ्हाड आदि उपस्थित थे। सीमा प्रश्न के वरिष्ठ वकील शिवाजी जाधव और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील राजू रामचंद्रन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्रणाली के माध्यम से इस बैठक में शामिल थे। हिन्दुस्थान समाचार/ विनय-hindusthansamachar.in