मानसून सत्र पेश किए गए दस विधेयक
मानसून सत्र पेश किए गए दस विधेयक
महाराष्ट्र

मानसून सत्र पेश किए गए दस विधेयक

news

मुंबई, 07 सितंबर (हि.स.)। महाराष्ट्र विधानमंडल के दो दिवसीय मानसून सत्र के पहले दिन कुल 10 संशोधन विधेयक विधान सभा में टेबल किए गए। इसमें ग्राम पंचायत संशोधन विधेयक का भी समावेश है, जो विपक्ष के विरोध के कारण पारित नहीं हो सका। कोरोना महामारी के बीच सोमवार से सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन करते हुए विधानमंडल के दोनों सदनों में वन्देमातरम से कामकाज की शुरुआत हुई । विधान सभा की कार्यवाही उपाध्यक्ष नरहरि जिरवाल की देखरेख में शुरू हुई। उपाध्यक्ष ने तालिका अध्यक्ष की घोषणा की। इसके बाद ग्राम पंचायत संशोधन विधेयक के संदर्भ में उच्च न्यायालयात में सुनवाई शुरू होने के कारण इस आशय का संशोधन विधेयक सदन में पारित नहीं हो सका। नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने विधेयक के संशोधन पर आपत्ति उठाई। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने सरकारी विधेयक सदन में रखा और विधान सभा में पूरक मांग पेश की। ग्रामविकास मंत्री हसन मुश्रीफ ने ग्राम पंचायत संशोधन विधेयक का समर्थन करते हुए विधेयक मंजूर करने की मांग की। जिन ग्राम पंचायतो की अवधि समाप्त हो गई है, उन ग्राम पंचायतों पर प्रशासक नियुक्त करने के संदर्भ में विधेयक राज्य सरकार ने सदन में मंजूरी के लिए रखा था। हालांकि उच्च न्यायालय में सुनवाई के कारण विधेयक मंजूर नहीं हो सका। उक्त विधेयक के अलावा महाराष्ट्र वस्तु व सेवाकर संशोधन विधेयक, महाराष्ट्र सार्वजनिक विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक, महाराष्ट्र प्रादेशिक नियोजन व नगर रचना संशोधन विधेयक सहित कुल 10 संशोधन विधेयक सदन में पेश किए गए। राज्य सरकार ने वर्ष 2020-21 के लिए 29,08,40,271 रुपए की पूरक मांग पेश की। सबसे अधिक किसानों की कर्जमाफी के लिए 10 हजार 500 करोड़ रुपए का पूरक मांग में प्रावधान किया गया है। साथ ही स्वास्थ्य व मेडिकल शिक्षा विभाग के लिए 2100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। पूरक मांग में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में एंबुलेंस खरीदने के 50 करोड़, ग्रामीण भागों के अस्पतालों के आहार खर्च के लिए 69 करोड़, महात्मा फुले स्वास्थ्य योजना बीमा की पहली किस्त भरने के लिए 541 करोड़, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए 50 करोड़, कोरोना नियंत्रण की दवा खरीदने के लिए 634 करोड़,आशा वर्कर्स के मानधन के लिए 129 करोड़, मेडिकल कालेज में सामग्री खरीदने के लिए 300 करोड़, निसर्ग चक्रवात में हुए नुकसान फलबाग के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कोरोना के कारण हुई पुलिस वालों की मृत्यु के परिवारवालों को मदद देने के लिए 30 करोड़, दूध पाउडर योजना के लिए 316 करोड़, सामाजिक न्याय विभाग के लिए 856 करोड़, ग्रामविकास विभाग के लिए 825 करोड़, नगर विकास विभाग के लिए 500 करोड़ रुपए, कृषि विभाग के लिए 441 करोड़, जलसंपदा विभाग के लिए 305 करोड़, सार्वजनिक निर्माण विभाग के लिए 50 करोड़ रुपए सहित अन्य विभागों को मिलाकर कुल 29,08,40,271 रुपए का प्रावधान पूरक मांग में किया गया है। हिन्दुस्थान समाचार / विनय/ राजबहादुर-hindusthansamachar.in