मदरसों को सरकारी अनुदान नहीं चाहिए, वे सक्षम: अबू आसिम आज
मदरसों को सरकारी अनुदान नहीं चाहिए, वे सक्षम: अबू आसिम आज
महाराष्ट्र

मदरसों को सरकारी अनुदान नहीं चाहिए, वे सक्षम: अबू आसिम आज

news

मुंबई, 14 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र से मदरसों को लेकर आवाज उठी है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अबू आसीम आजमी ने मांग की है कि सरकार को मदरसों के मामले में दखलंदाजी नहीं करनी चाहिए। मदरसों को सरकारी अनुदान नहीं चाहिए, आखिर अनुदान को लेकर राजनीति क्यों की जा रही है। आजमी ने आरोप लगाया कि मदरसे आरएसएस के गुरुकुल जैसे नहीं है, जहां जाति-धर्म की नफरत की भाषा सिखाई जाती है। आजमी ने कहा कि आसाम के शिक्षा मंत्री हिमांता बिस्वा शर्मा ने मदरसों और संस्कृत स्कूलों को लेकर सरकार की आर्थिक मदद पर सवाल उठाया है। आजमी ने कहा कि इस्लामिक मदरसों को किसी सरकारी सहायता की आवश्यकता नहीं है। मैं मुसलमानों से मदरसों को मिलने वाली आर्थिक सहायता को वापस करने का आग्रह करता हूं। मुसलमान अपने मदरसों के अस्तित्व और प्रबंधन के लिए प्रतिबद्ध हैं और सरकार को मदरसों में दखलंदाजी नहीं करनी चाहिए। मदरसों को सरकारी अनुदान की जरूरत नहीं है। सरकार ने विज्ञान, बीजगणित और अन्य विषयों के प्रावधान के लिए इस्लामी स्कूलों को वित्तीय सहायता और फंड उपलब्ध कराने का वादा किया था। कई मुस्लिम मदरसे चलाते हैं और वहां पढ़ाई करनेवालों को आईएएस और आईपीएस बना के देश की सेवा के लिए तैयार किया जाता है। यहां जाति-धर्म का द्वेष नहीं भाईचारा और देशभक्ति सिखाई जाती है। मदरसों में हर जाति-धर्म के लोग प्रवेश लेकर पुष्टि कर सकते हैं। सरकारी अनुदान लेनेवाले गुरुकुलों की भी जांच-पड़ताल की जाए कि वे क्या शिक्षा देते हैं और प्रवेश किसे दिया जाता है। आजमी ने म कहा कि अगर मदरसों और संस्कृत विद्यालयों को धन मुहैया नहीं कराया जा सकता है, तो धर्मनिरपेक्षता की कसम खाने वाले मंत्री को यह बताना चाहिए कि धार्मिक समारोह और देवी-देवताओं के मंदिर सरकारी खर्चों पर पुलिस थानों और सरकारी भवनों में क्यों बनाए जाते हैं। हिन्दुस्थान समाचार/ विनय-hindusthansamachar.in