पश्चिम रेलवे : 434 पार्सल विशेष ट्रेनों से 3800 टन दवाइयों और चिकित्सा सामग्री का परिवहन
पश्चिम रेलवे : 434 पार्सल विशेष ट्रेनों से 3800 टन दवाइयों और चिकित्सा सामग्री का परिवहन
महाराष्ट्र

पश्चिम रेलवे : 434 पार्सल विशेष ट्रेनों से 3800 टन दवाइयों और चिकित्सा सामग्री का परिवहन

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मुंबई, 1 अगस्त, (हि. स.)। पश्चिम रेलवे ने अपनी पार्सल विशेष गाड़ियों के साथ-साथ मालगाड़ियों के माध्यम से देश के विभिन्न भागों में अत्यावश्यक वस्तुओं के परिवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। चिकित्सा की जरूरतों वाले लोगों की मदद करने के लिए भी पश्चिम रेलवे तारणहार साबित हो रही है, क्योंकि COVID-19 के मद्देनजर, जब परिवहन के अन्य साधन प्रतिबंधित हैं, तो चिकित्सीय आवश्यकताओं को पूरा करना बेहद मुश्किल था। ऐसे में पश्चिम रेलवे द्वारा 23 मार्च, 2020 से 30 जुलाई, 2020 तक 3800 टन से अधिक दवाओं और मेडिकल सामग्री का परिवहन किया गया है, क्योंकि पश्चिम रेलवे राष्ट्र के प्रति अपने कर्त्तव्यों और अपने ग्राहकों की जरूरतों के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रही है। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी सुमित ठाकुर के अनुसार, पश्चिम रेलवे ने संकट के समय में विशेष रूप से अपनी पार्सल विशेष ट्रेनों के माध्यम से दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति लगातार जारी रखते हुए उच्चतम मानवीय मूल्यों का परिचय दिया है। इसी क्रम में पश्चिम रेलवे द्वारा 23 मार्च, 2020 से 30 जुलाई, 2020 तक लगभग 3800 टन दवाइयां और मेडिकल सामान देश के विभिन्न भागों में पहुंचाया गया है, जिसके फलस्वरूप 167.43 लाख रु की आमदनी हासिल हुई है। 1627.56 टन वजन वाली दवाओं को 79 लाख रुपये की आय के साथ पहुंचाया गया और 2172.21 टन भार वाले मेडिकल सामान जैसे मास्क, सैनिटाइजर, पीपीई किट, दस्ताने, सर्जिकल सामान आदि का परिवहन भी किया गया, जिससे 88.39 लाख रुपये की आय हुई। उन्होंने बताया कि 23 मार्च से 30 जुलाई, 2020 तक कोरोना महामारी के दुष्प्रभावों के बावजूद, 434 पार्सल विशेष ट्रेनों के माध्यम से पश्चिम रेलवे द्वारा 88 हजार टन से अधिक वजन वाली वस्तुओं का परिवहन किया गया, जिनमें कृषि उत्पाद, दवाइयां, मछली, दूध आदि मुख्य रूप से शामिल थे। इस परिवहन के माध्यम से उत्पन्न आय लगभग 27.91 करोड़ रुपये रही है। इस अवधि के दौरान पश्चिम रेलवे द्वारा 66 दूध स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं, जिनमें लगभग 50 हजार टन का भार था। और वैगनों के 100% उपयोग से लगभग 8.60 करोड़ रुपये का राजस्व उत्पन्न हुआ। इसी तरह 352 कोविड -19 विशेष पार्सल गाड़ियां लगभग 31 हजार टन भार के साथ विभिन्न आवश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए चलाई गईं, जिनके द्वारा अर्जित राजस्व 15.76 करोड़ रुपये रहा। इनके अलावा, 6956 टन भार वाले 16 इंडेंटेड रेक भी लगभग 100% उपयोग के साथ चलाये गये, जिनसे 3.55 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। 22 मार्च से 30 जुलाई, 2020 तक लॉकडाउन की अवधि के दौरान, मालगाड़ियों के कुल 10,693 रेकों का उपयोग पश्चिम रेलवे द्वारा 21.87 मिलियन टन आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए किया गया। 20,961 मालगाड़ियों को अन्य जोनल रेलों के साथ इंटरचेंज किया गया, जिनमें 10,463 ट्रेनों को सौंप दिया गया और 10,498 ट्रेनों को अलग-अलग इंटरचेंज पॉइंटों पर ले जाया गया। ठाकुर ने बताया कि ट्रेन नंबर 00949/00950 ओखा - गुवाहाटी-ओखा पार्सल विशेष ट्रेन का अब दोनों दिशाओं में दानापुर स्टेशन पर एक अतिरिक्त ठहराव होगा। पहले से अधिसूचित पाटलिपुत्र स्टेशन का ठहराव निरस्त कर दिया गया है। लॉकडाउन के कारण नुकसान और रिफंड अदायगी : कोरोना वायरस के कारण पश्चिम रेलवे पर कमाई का कुल नुकसान 1945 करोड़ रुपये अनुमानित है, जिसमें उपनगरीय खंड के लिए 289 करोड़ रुपये और गैर-उपनगरीय क्षेत्र के लिए लगभग 1656 करोड़ रुपये का नुकसान शामिल है। इसके बावजूद 1 मार्च 2020 से 30 जुलाई, 2020 तक टिकटों के निरस्तीकरण के परिणामस्वरूप, पश्चिम रेलवे ने 407.22 करोड़ रुपये की रिफंड राशि वापस करना सुनिश्चित किया है। गौरतलब है कि इस रिफंड राशि में, अकेले मुंबई डिवीजन ने 195.33 करोड़ रुपये का रिफंड सुनिश्चित किया है।अब तक, 62.62 लाख यात्रियों ने पूरी पश्चिम रेलवे पर अपने टिकट रद्द कर दिये हैं और तदनुसार उनकी रिफंड राशि प्राप्त की है। हिन्दुस्थान समाचार/दिलीप/ राजबहादुर-hindusthansamachar.in