पश्चिम रेलवे : 'द वॉरियर्स ऑफ द कोविड पैंडेमिक' विशेष बुकलेट का डिजिटल विमोचन

पश्चिम रेलवे : 'द वॉरियर्स ऑफ द कोविड पैंडेमिक' विशेष बुकलेट का डिजिटल विमोचन
पश्चिम रेलवे : 'द वॉरियर्स ऑफ द कोविड पैंडेमिक' विशेष बुकलेट का डिजिटल विमोचन

मुंबई, 25 जुलाई, (हि. स.)। कोरोना महामारी के कारण घोषित लॉकडाउन के दौरान पश्चिम रेलवे की महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर आधारित विशेष पुस्तिका का डिजिटल विमोचन बुधवार, 22 जुलाई, 2020 को पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक आलोक कंसल द्वारा किया गया। इस विशेष बुकलेट का शीर्षक 'द वारियर्स ऑफ द कोविड पैंडेमिक' रखा गया है। महाप्रबंधक कंसल ने इस पुस्तिका को पश्चिम रेलवे की अग्रिम पंक्ति के उन सभी निष्ठावान कर्मवीरों को समर्पित किया, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किये बिना लॉकडाउन के दौरान पश्चिम रेलवे की विभिन्न महत्वपूर्ण सेवाओं को लगातार जारी रखने में अहम भूमिका निभाई। महाप्रबंधक ने पश्चिम रेलवे के हर कोरोना वॉरियर को उसके निर्भीक एवं असाधारण कार्य निष्पादन के लिए हार्दिक बधाई दी, जिसने देश और देशवासियों की सेवा के लिए कर्त्तव्य की पुकार से परे जाकर उल्लेखनीय मिसाल पेश की है। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी सुमित ठाकुर द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस सूचनात्मक पुस्तिका में कोरोनावायरस महामारी से निपटने के लिए पश्चिम रेलवे द्वारा सुनिश्चित किये गये सभी पहलुओं और योगदान को सुरुचिपूर्ण शैली में शामिल किया गया है और कर्त्तव्य के प्रति अनूठे समर्पण एवं अनुकरणीय भूमिका के लिए सभी कोरोना कर्मयोद्धाओं की बहादुरी और प्रतिबद्धता को सलाम भी किया गया है। उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के बावजूद पश्चिम रेलवे के पहिये किसी न किसी रूप में हमेशा गतिमान रहे। जब यात्री ट्रेन सेवाओं को निलम्बित कर दिया गया था, तब पश्चिम रेलवे न केवल अपने विशाल नेटवर्क के नियमित रखरखाव और अपग्रेडेशन कार्यों में लगी रही, बल्कि समाज के अनेक जरूरतमंदों को निःशुल्क भोजन वितरण करने, अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों के लिए मास्क, पीपीई किट और सैनिटाइजर तैयार करने के अलावा देश भर में अत्यावश्यक सामग्री के परिवहन और अन्य गतिविधियों में भी पश्चिम रेलवे के कर्मवीरों द्वारा सक्रिय योगदान दिया गया। यह विशेष पुस्तिका पश्चिम रेलवे के जनसम्पर्क विभाग द्वारा डिजाइन कर डिजिटल तौर पर तैयार की गई है, जिसमें प्रवासी मजदूरों को उनके गृहनगर तक पहुंचाने के लिए परिचालित श्रमिक विशेष ट्रेनों तथा देश के विभिन्न भागों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए चलाई जा रही पार्सल विशेष ट्रेनों और मिल्क ट्रेनों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई है। इस अवधि के दौरान विभिन्न अवसंरचनात्मक उपलब्धियों के अलावा सामान्य कोचों को आइसोलेशन वार्डों में परिवर्तित करने सहित विविध नवाचार भी इस पुस्तिका में शामिल किये गये हैं। इसमें पश्चिम रेलवे के कोविड समर्पित जगजीवन राम अस्पताल के प्रमुख योगदान को भी बखूबी चित्रित किया गया है। उल्लेखनीय है कि यह देश का पहला और एकमात्र रेलवे अस्पताल है, जिसे कोरोना रोगियों के उपचार के लिए समर्पित किया गया है। हिन्दुस्थान समाचार/दिलीप/राजबहादुर-hindusthansamachar.in

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