पश्चिम रेलवे के विभिन्न स्टेशनों के प्रमुख स्थानों पर लगेंगी 25 प्लास्टिक बॉटल क्रशिंग मशीनें
पश्चिम रेलवे के विभिन्न स्टेशनों के प्रमुख स्थानों पर लगेंगी 25 प्लास्टिक बॉटल क्रशिंग मशीनें
महाराष्ट्र

पश्चिम रेलवे के विभिन्न स्टेशनों के प्रमुख स्थानों पर लगेंगी 25 प्लास्टिक बॉटल क्रशिंग मशीनें

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पश्चिम रेलवे के मुंबई सेंट्रल स्टेशन पर तीन प्लास्टिक बॉटल क्रशिंग मशीनों का उद्घाटन मुंबई, 18 अगस्त, (हि. स.)। पश्चिम रेलवे के मुंबई मंडल के मंडल रेल प्रबंधक जीवीएल सत्य कुमार ने हमारे राष्ट्र के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुंबई सेंट्रल स्टेशन पर नवस्थापित तीन प्लास्टिक बॉटल क्रशिंग मशीनों का उद्घाटन किया। रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुसार, इको-फ्रेंडली तरीके से स्टेशनों में उत्पन्न होने वाले प्लास्टिक कचरे को कम करने, रीसायकल करने और डिस्पोज करने के लिए यह अभिनव पहल की गई है। पश्चिम रेलवे ने मुंबई डिवीजन के विभिन्न स्टेशनों पर कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व के अंतर्गत अब तक 17 बॉटल क्रशिंग मशीनें लगाई हैं। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी सुमित ठाकुर द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पश्चिम रेलवे द्वारा महाप्रबंधक आलोक कंसल के ऊर्जावान नेतृत्व में विभिन्न हरित पहलें की गई हैं, जो पश्चिम रेलवे पर पर्यावरण अनुकूल वातावरण में रिड्यूस, रीसायकल और प्लास्टिक कचरे के समुचित निपटान के महत्त्वपूर्ण मंत्र का व्यापक प्रचार करती हैं। तदनुसार, पश्चिम रेलवे के मुंबई डिवीजन ने नॉन फेयर रेवेन्यू (एनएफआर) मॉड्यूल पर 25 प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीनों के लिए निविदा प्रदान की है। इनमें से तीन मशीनें पहले ही मुंबई सेंट्रल स्टेशन पर स्थापित हो चुकी हैं, जबकि अन्य जल्द ही चर्चगेट (4), लोअर परेल (1), प्रभादेवी (1), दादर (2), माटुंगा रोड (1), माहिम (1), बांद्रा (1), बांद्रा टर्मिनस (2), अंधेरी (2), मालाड (1), कांदिवली (1), बोरीवली (2), वसई रोड (1), नालासोपारा (1) और विरार (1) स्टेशनों पर स्थापित की जाएंगी। ठाकुर ने बताया कि यदि इन प्लास्टिक बॉटल क्रशिंग मशीनों को व्यय मॉड्यूल के जरिये खरीदा जाता है, तो प्रति मशीन की लागत 3,50,000/- रु. होगी, जिसमें मशीन की लागत के साथ ही अन्य आकस्मिक व्यय भी शामिल है। व्यय मॉड्यूल के जरिए प्लास्टिक बॉटल क्रशिंग मशीन की खरीद करने के बजाय मुंबई मंडल ने व्यय पर नियंत्रण और गैर-किराया राजस्व के अर्जन के दोहरे उद्देश्य से आमदनी मॉड्यूल पर इन मशीनों को लेने का निश्चय किया है, जिसके अंतर्गत प्लास्टिक बॉटल क्रशिंग मशीन प्रोवाइडर इन मशीनों पर विज्ञापनों को डिस्प्ले करके आमदनी हासिल करेगा। साथ ही, उसे इन मशीनों में एकत्रित प्लास्टिक फ्लेक्स की बिक्री करके भी आमदनी होगी। पश्चिम रेलवे के मुंबई मंडल की नॉन फेयर रेवेन्यू (एन एफ आर) टीम ने वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्रीमती जागृति सिंगला के निर्देशन में कोविड-19 महामारी के इस चुनौतीपूर्ण समय में हर मुश्किल का बहादुरी से सामना किया है और 82,985/- रु. की 5 वर्ष की आमदनी क्षमता वाले 15,000/- रु. प्रतिवर्ष के एक ऑफर को हासिल करने में भी सफल रही है, जिसके अंतर्गत बोलीकर्ता 16 स्टेशनों अर्थात चर्चगेट (4), मुंबई सेंट्रल (3), लोअर परेल (1), प्रभादेवी (1), दादर (2), माटुंगा रोड (1), माहिम (1), बांद्रा (1), बांद्रा टर्मिनस (2), अंधेरी (2), मालाड (1), कांदिवली (1), बोरीवली (2), वसई रोड (1), नालासोपारा (1) एवं विरार (1) पर लगभग 3,50,000/- रु. प्रति मशीन की दर से 25 प्लास्टिक बॉटल क्रशिंग मशीनें उपलब्ध करायेगा और उनका अनुरक्षण भी करेगा। इस सराहनीय प्रयास से पश्चिम रेलवे ने न केवल लाइसेंस शुल्क के रूप में 82,985/- रु. (5 वर्ष की आमदनी क्षमता) तक का अतिरिक्त राजस्व हासिल किया है; बल्कि इन मशीनों की खरीद पर होने वाले कुल व्यय लगभग 87,50,000/- रु. की भी बचत की है। इसी दिशा में, अभी तक 23 स्टेशनों पर 33 प्लास्टिक बोतल क्रशिंग मशीनों का एक और टेंडर अंतिम चरण में है, जिसकी राजस्व क्षमता 5,28,000 रु. प्रति वर्ष (29,20,967 रु. वार्षिक) होगी, जिसके अनुसार 5 वर्ष के लिए 1,15,50,000 रुपये की बचत सुनिश्चित होगी। ठाकुर ने बताया कि पश्चिम रेलवे सिंगल यूज प्लास्टिक मदों पर पूरी पाबंदी का पूर्ण समर्थन करती है, अतः स्टेशन परिसरों में प्लास्टिक कप, ग्लास, प्लेट आदि के इस्तेमाल को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। पश्चिम रेलवे द्वारा पर्यावरण पर प्लास्टिक से होने वाले दुष्प्रभावों के सम्बंध में समय-समय पर 'नो प्लास्टिक' जागरूकता अभियान भी चलाये जाते हैं। आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य हेतु प्राकृतिक सम्पदा संरक्षण के इस पुनीत कार्य में अपने सभी ग्राहकों से सहयोग का अनुरोध पश्चिम रेलवे द्वारा किया गया है। हिन्दुस्थान समाचार/दिलीप/राजबहादुर-hindusthansamachar.in