कोरोना  से ठाणे में उद्योग पर संकट बढ़े
कोरोना से ठाणे में उद्योग पर संकट बढ़े
महाराष्ट्र

कोरोना से ठाणे में उद्योग पर संकट बढ़े

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मुंबई,31जुलाई ( हि स ) । कोविड-19 के कारण पिछले चार माह से सख्ती से किए गए तालाबंदी के कारण लघु उधोग अत्यंत संकट में आ गए हैं ।उनकी आय के स्रोत लगभग बंद हो गए हैं । ठाणे में टीसा ने मनपा आयुक्त विपिन शर्मा से अपील की है कि ऐसी विपरीत आर्थिक स्थिति में शहर में कोविद 19 कोरोना वायरस का परीक्षण की अनिवार्यता ना हो ,बल्कि ठाणे मनपा को स्वयं ही कोविद परीक्षण शिविर लगाना चाहिए। टीसा के प्रमुख अप्पा साहब खंबाटे ने अपील की है कि ,हम पहले दिन से कोरोना के खिलाफ लड़ने के लिए नगर निगम और जिला प्रशासन के साथ है और हम जहां भी संभव हो, समर्थन और सहयोग करना जारी रखेंगे। टीसा के कोषाध्यक्ष भावेश मारू ने भी लघु उद्योगों की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है, कि ,पिछले चार महीनों से उद्योग बंद होने से उद्योग पर जोरदार प्रहार हुआ है और कई उद्यमी पलायन कर रहे हैं। गैर आवश्यक श्रेणी के उद्योग अभी भी नहीं चल रहे हैं। जैसा कि व्यवसाय बंद है, वे भूमि किराया, विभिन्न करों, बड़े बिजली बिलों, वेतन, स्थानीय करों जैसे एक या एक से अधिक चीजों के बोझ से दबे हुए हैं, लेकिन आय शून्य रुपये भी नहीं है। ऐसी गंभीर स्थिति में,ठाणे मनपा के कर्मचारी लघु उद्योगों और व्यापारियों के पास जा रहे हैं और उन्हें कर्मचारियों / श्रमिकों के कोविद रेपिड टेस्ट का परीक्षण करने के लिए कह रहे हैं, अन्यथा वे उद्योगों को बंद करने की धमकी दे रहे हैं। एमएचए के आदेश के अनुसार, वाणिज्यिक कोरोना नियमों और शर्तों का सख्ती से पालन कर रहा है। इस मामले में, बिना किसी कारण के आर टी पी सी आर परीक्षण पर जोर दिए बिना, कृपया वार्ड वार एंटीजन टेस्ट (रैपिड टेस्ट) शिविर आयोजित करें, जहां संबंधित वार्ड के श्रमिकों को परीक्षण के लिए शिविर में भेजा जा सकता है। कृपया जल्द से जल्द वार्ड वार एंटीजन टेस्ट (रैपिड टेस्ट) शिविर का आयोजन करें और कृपया संबंधित विभाग को ऐसे निर्देश दें। साथ ही, टीसा की ओर से एक विनम्र अपील की जा रही है कि प्रशासन नागरिकों में आत्म-अनुशासन के लिए जागरूकता पैदा करे। हिन्दुस्तान समाचार/ रविन्द्र/राजबहादुर-hindusthansamachar.in