अंतर जिला परिवहन के दौरान निजी यात्री बसों द्वारा मानक प्रक्रियाओं का पालन जरूरी
अंतर जिला परिवहन के दौरान निजी यात्री बसों द्वारा मानक प्रक्रियाओं का पालन जरूरी
महाराष्ट्र

अंतर जिला परिवहन के दौरान निजी यात्री बसों द्वारा मानक प्रक्रियाओं का पालन जरूरी

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मुंबई , 10 सितंबर (हि स ) परिवहन आयुक्त कार्यालय ने कोविद 19 महामारी की पृष्ठभूमि पर अंतर जिला यात्री परिवहन की अनुमति दी है। निजी यात्री बस मालिकों को इस परिवहन के दौरान निम्नलिखित मानक प्रक्रियाओं का पालन करना चाहिए। निजी यात्री बस ऑपरेटरों को कोविद -19 महामारी के मद्देनजर केंद्र और राज्य सरकारों और परिवहन विभाग द्वारा जारी निर्देशों का सख्ती से पालन करना चाहिए। महाराष्ट्र मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 20 (1) (x) के प्रावधानों के अनुसार, एक सार्वजनिक सेवा वाहन के प्रत्येक चालक को अपने वाहन को साफ और बाँझ स्थिति में रखना आवश्यक है। तदनुसार, अनुबंध बस के चालक को यात्रा के हर दिन के साथ-साथ इसमें यात्रा करने वाले पर्यटक समूह को बदलते हुए यात्री बस को डी-स्टेरलाइज करना चाहिए। बस आरक्षण कक्ष / कार्यालय, पूछताछ कक्ष को समय-समय पर साफ किया जाना चाहिए। साथ ही, जगह पर मौजूद कर्मचारी ड्यूटी पर रहते हुए मास्क और सेनिटाइजर का इस्तेमाल करें। बस स्टैंड पर भीड़भाड़ न हो इसका ध्यान रखा जाए। बस में यात्रियों को मास्क नहीं पहनने देना चाहिए। सैनिटाइज़र को बस प्रवेश द्वार के पास रखा जाना चाहिए। साथ ही, यात्रियों के उपयोग के लिए बस में कुछ अतिरिक्त मास्क रखे जाने चाहिए, बस में प्रवेश करने वाले यात्रियों की जाँच थर्मल गन से की जानी चाहिए। बुखार, सर्दी-खांसी आदि। ऐसे यात्रियों को बस से यात्रा करने से रोक दिया जाना चाहिए यदि वे कोविद -19 रोग के प्रकार के कोई प्रारंभिक लक्षण दिखाते हैं। अनुबंधित बस (सीटीआईजी) वाहनों में, यात्रियों को इस तरह से साइड में बैठने की अनुमति होगी कि यात्री परिवहन की अनुमति होगी। स्लिपर बस वाहनों को एक यात्री को एक डबल बर्थ पर और साथ ही एक यात्री को एक अलग बर्थ पर ले जाने की अनुमति होगी। चालक को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यात्रा के दौरान भोजन / नाश्ते / शौचालय के उपयोग के लिए बस को रोकते समय ये स्थान साफ हों। यात्रियों को बस में कूड़ा फेंकने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, उन्हें निर्देश दिया जाना चाहिए कि वे रबिश बिन का उपयोग करें और बस को साफ रखें। यह लाइसेंसधारी की जिम्मेदारी होगी कि वह यात्री बस का विकेंद्रीकरण करे और साथ ही इसका रिकॉर्ड भी रखे। कृपया ध्यान दें कि उपरोक्त निर्देशों का पालन न करने की स्थिति में, मोटर वाहन अधिनियम, 1988, केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989, आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के अनुसार लाइसेंसधारी के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उप क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी जयंत कुमार पाटिल ने निजी यात्री बसों के मालिकों से अपील की है कि वे केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ प्रशासनिक दृष्टिकोण से समय-समय पर प्राप्त निर्देशों के अनुसार उपरोक्त सभी निर्देशों का पालन करें। हिन्दुस्थान समाचार/रविन्द्र-hindusthansamachar.in