कोरोना मुक्ति में होगी युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका: सीएम शिवराज

कोरोना मुक्ति में होगी युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका: सीएम शिवराज
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- शासकीय महाविद्यालयों के 10 लाख विद्यार्थियों को कोरोना अनुकूल व्यवहार व टीकाकरण जागरुकता संबंधी प्रशिक्षण - मुख्यमंत्री ने 'युवा शक्ति कोरोना मुक्ति अभियान' के तहत उन्मुखीकरण प्रशिक्षण का किया शुभारंभ, कोवि-संदेश मोबाइल एप लॉन्च भोपाल, 18 जून (हि.स.)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि 'युवा शक्ति कोरोना मुक्ति अभियान' के माध्यम से प्रदेश के महाविद्यालयों के लगभग 10 लाख विद्यार्थी कोरोना मुक्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वे लोगों को कोरोना अनुकूल व्यवहार एवं टीकाकरण के लिए जागरूक करेंगे। दूसरे चरण में निजी महाविद्यालयों के लगभग 8 लाख विद्यार्थियों को इस संबंध में प्रशिक्षण दिए जाकर उनके माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। मुख्यमंत्री शुक्रवार को मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से 'युवा शक्ति कोरोना मुक्ति अभियान' के अंतर्गत प्रदेश के समस्त शासकीय महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के उन्मुखीकरण प्रशिक्षण का शुभारंभ कर रहे थे। उन्होंने अभियान की रियल टाइम मॉनीटरिंग के लिए तैयार किए गए मोबाइल एप 'कोवि-संदेश' भी लॉन्च किया। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन आदि उपस्थित थे। मैंने वैक्सीन लगावाया है, आप भी वैक्सीन लगवाएं मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महाविद्यालयों के विद्यार्थियों से बातचीत भी की। सभी विद्यार्थियों ने बताया कि उन्होंने स्वयं एवं अपने परिवारजनों को वैक्सीन लगवाया है और दूसरों को भी वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनका नारा है 'मैंने वैक्सीन लगवाया है, आप भी वैक्सीन लगवाएँ तथा स्वयं एवं परिवार को कोरोना से सुरक्षित करें।' उन्होंने आष्टा शासकीय महाविद्यालय की मेघा मेवाड़ा, माधव विज्ञान महाविद्यालय उज्जैन की नन्दिनी, शासकीय महाविद्यालय अशोकनगर के तन्मय तथा शासकीय महाविद्यालय बड़वानी की पूजा अग्रवाल से बातचीत की। सभी ने कोरोना संक्रमण काल में ओपन बुक पद्धति से परीक्षाएँ कराए जाने के कार्य की भी सराहना की। क्या है अभियान उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश में युवा शक्ति कोरोना मुक्ति अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के शासकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के माध्यम से कोरोना अनुकूल व्यवहार एवं कोरोना वैक्सीनेशन में समाज की सहभागिता सुनिश्चित करने का कार्य किया जा रहा है। प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं यूनीसेफ के राज्य स्तरीय अधिकारियों द्वारा सभी जिलों के लीड कॉलेजों, इंजीनियरिंग एवं पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्राचार्यों एवं जिला टीकाकरण अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया है। मास्टर टेनर्स द्वारा जिले के महाविद्यालयों के प्राध्यापकों को प्रशिक्षित किया गया है। प्रशिक्षित प्राध्यापकों द्वारा अधिकतम 50-50 विद्यार्थियों के समूहों में विद्यार्थियों का उन्मुखीकरण आज से प्रारंभ किया गया है। इसमें विद्यार्थियों को कोरोना अनुकूल व्यवहार और टीकाकरण के महत्व के बारे में जानकारी दी जाएगी। अभियान 30 दिवस जारी रहेगा तथा प्रतिदिन 1-1 घंटे के 2 सत्र सभी संस्थाओं में होंगे। कोरोना अनुकूल व्यवहार की खास बातें फेस मास्क अवश्य पहनें। मास्क लगाने को अपनी दिनचर्या का अंग बना लें। मास्क के बिना बिल्कुल भी बाहर न निकलें। मास्क न पहनना एक सामाजिक अपराध है। मास्क नहीं तो सामान नहीं, मास्क नहीं तो बात नहीं, मास्क नहीं तो आना-जाना नहीं। टीकाकरण कोरोना संक्रमण से बचाव के सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। अत: स्वयं टीका अवश्य लगवाएँ और दूसरों को भी प्रेरित करें। अपने हाथों को नियमित रूप से साबुन या सेनिटाइजर से अच्छी तरह धोएँ। एक-दूसरे से 2 गज की सामाजिक दूरी बनाए रखें। अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। भीड़-भाड़ वाली जगहों पर न जाएँ। दुकानों के बाहर गोले बनाकर ग्राहकों में सामाजिक दूरी सुनिश्चित करें। हल्दी, तुलसी, अदरक, मुलेठी, काली मिर्च, लौंग के काढ़े का सेवन करें। विटामिन-डी के लिए सुबह की गुनगुनी धूप में बैठें। विटामिन-सी के लिए नींबू, आँवला, संतरा आदि का सेवन करें। प्रतिदिन सुबह पैदल घूमने के साथ व्यायाम करें। जितना हो सके, मानिसक तनाव से बचें। देसी पेय का प्रयोग करें जैसे - नींबू पानी, छाछ, सूप, नारियल पानी आदि। शरीर में पानी की कमी न होने दें। योग न सिर्फ शारीरिक अपितु मानसिक बल भी प्रदान करता है, जिससे आपके भीतर रोग से लड़ने की शक्ति बढ़ जाती है। स्वस्थ रहने के लिए योग को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बना लें। कम से कम एक पेड़ अवश्य लगायें। कोरोना प्रोटोकॉल और नियमों का कड़ाई से पालन करें। लक्षण दिखाई दें तो तुरंत टेस्ट कराएँ और आइसोलेट हो जाएँ, ताकि आप संक्रमण के स्प्रेडर न बनें। हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश