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मध्य-प्रदेश

जीवन को सुरक्षित रखने के लिए योग और प्राणायाम महत्वपूर्ण - राज्य मंत्री परमार

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-शिक्षा विभाग के कोविड केयर प्रोग्राम का ऑनलाइन शुभारंभ भोपाल, 22 मई(हि.स.)। जीवन को सुरक्षित रखने के लिए योग और प्राणायाम महत्वपूर्ण है। कोविड 19 महामारी काल में समाज का हर वर्ग शारीरिक और मानसिक रूप से प्रभावित हुआ है। ऐसे समय में अच्छे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग का महत्व धन और संसाधनों से भी अधिक हो गया है। उत्तम स्वास्थ्य ही व्यक्ति का सबसे बड़ा धन है। उक्त बातें स्कूल शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) और सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री इन्दर सिंह परमार ने कही हैं । वे शनिवार को मंत्रालय में स्कूल शिक्षा विभाग के 'वेल बीइंग एंड इम्यूनिटी' कोविड केयर प्रोग्राम 'इम्यूनिटी बूस्ट विथ मेडिसिन, ब्रीथ एंड योगा' के सिंगल क्लिक से ऑनलाइन शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। श्री परमार ने कहा कि श्रेष्ठ जीवन जीने का तरीका योग और प्राणायाम के माध्यम से ही संभव है। अब समय आ गया है कि योग और प्राणायाम को वैज्ञानिक तरीके से जन-जन तक पहुँचाने का कार्य किया जाए। श्री परमार ने शिक्षा विभाग के शासकीय सेवकों के लिए कोविड केयर प्रोग्राम संचालित करने के लिए श्री श्री रविशंकर और उनकी संस्था के प्रति आभार भी व्यक्त किया। इस दौरान प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा ऑर्ट ऑफ लिविंग (व्यक्ति विकास केन्द्र) बेंगलुरु के सहयोग से शासकीय सेवकों के लिए संचालित इम्यूनिटी बूस्ट विथ मेडिटेशन, ब्रीथ एंड योगा' कार्यक्रम के प्रत्येक बैच में 40 व्यक्तियों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। प्रत्येक दिन 45 मिनट के प्रशिक्षण के दौरान योग अभ्यास, प्रतिरक्षा निर्माण के लिए प्राणायाम और श्वास व्यायाम तथा ध्यान का अभ्यास आदि का ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि यह प्रशिक्षण शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करेगा, फेफड़ों की क्षमता बढ़ाएगा और मानसिक तनाव तथा चिंता को कम करके स्वास्थ्य में सुधार लाने में लाभदायक होगा। वहीं, कार्यक्रम में आयुक्त लोक शिक्षण जयश्री कियावत का कहना था कि यह कार्यक्रम पूर्णतः निःशुल्क एवं स्वैच्छिक है। इच्छुक प्रतिभागियों को इस कार्यक्रम में सहभागिता के लिए अपनी सुविधा अनुसार दिनांक और समय का चयन करते हुए एजुकेशन पोर्टल पर उपलब्ध लिंक http://educationportal.mp.gov.in/ARTOFLIVING/ Default.aspx के माध्यम से पंजीयन कराना होगा। पंजीयन के दौरान चयन किए गए दिनांक और समय पर सहभागी होने के लिये ऑर्ट ऑफ लिविंग प्रशिक्षक द्वारा एक वर्चुअल लिंक पृथक से मोबाइल पर उपलब्ध कराई जाएगी। प्रतिभागी को वर्चुअल प्लेटफॉर्म जैसे माइक्रोसाफ्ट टीम्स, वेबेक्स आदि के माध्यम से दी गई लिंक पर ऑनलाइन जुड़ना होगा। प्रतिभागियों को अपेक्षित लाभ के लिए कार्यक्रम के सभी सत्रों में भाग लेना होगा। राज्य स्तरीय वर्चुअल कार्यक्रम में उप सचिव अनुभा श्रीवास्तव, संचालक के.के. द्विवेदी, अपर संचालक धीरेन्द्र चतुर्वेदी, आर्ट ऑफ लिविंग की ट्रस्टी तृप्ता धवन, प्रेसिडेंट वाइस एडमिरल रमाकांत पटनायक, सचिव रोहन जैन, अपेक्स मेंबर योगेन्द्र शर्मा और योगिता सिंह, काउंसिल सदस्य विक्रमादित्य ठाकुर, सुनील जैन, हिमांशी गुप्ता और स्टेट टीचर कॉर्डिनेटर के.एस. चुंडावत सहित जिलों के एनआईसी कक्ष से सभी संभागीय संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी और इच्छुक प्रतिभागी शामिल हुए। हिन्दुस्थान समाचार/डॉ. मयंक चतुर्वेदी