लाॅकडाउन से भूखे मरने की स्थिति में है श्रमिक: इंटक

लाॅकडाउन से भूखे मरने की स्थिति में है श्रमिक:  इंटक
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13/05/2021 मंदसौर 13 मई (हिस)। मंदसौर में लाॅकडाउन लगे को एक माह हो गया है लेकिन अभी तक प्रदेश सरकार द्वारा गरीब वर्ग, रोज कमाने रोज खाने वाले मजदूर वर्ग के लिए कोई विशेष योजना लागू नहीं की गई है। उक्त बात कहते हुए खूबचन्द शर्मा अध्यक्ष जिला इंटक, त्रिदेव पाटीदार उपाध्यक्ष जिला इंटक, गोपाल गुरु उपाध्यक्ष जिला इंटक, विक्रम विद्यार्थी उपाध्यक्ष जिला इंटक, वीरेन्द्र पण्डित महामंत्री जिला इंटक, सुरेन्द्र कुमावत अध्यक्ष जिला युवा इंटक ने आरोप लगाया कि तीन माह का राशन दिये जाने में भी अनेक विसंगतियां सामने आ रही है। इंटक नेताओं ने कहा कि गरीबी रेखा के नीचे गुजारा करने वाले लोगों से मप्र सरकार द्वारा तीन महीने का अनाज देने का झूठा दावा किया जा रहा है। हर सोसायटी में अलग - अलग तरीके से अनाज दिया जा रहा है। स्थिति यह है कि कहीं एक माह तो कहीं दो माह का ही राशन दिया जा रहा है। तीन माह का राशन तो कहीं पर भी नहीं दिया जा रहा है। सभी ने बताया कि यह राशन भी गरीब खेतिहर, भवन निर्माण, उद्योगों में कार्य करने वाले श्रमिकों को उपलब्ध नहीं हो पा रहा है और जिन्हें हो भी पा रहा है वे सिर्फ गेहूं से क्या करें, क्योंकि भोजन बनाने के लिए सब्जी, दाल, मसाले, तेल आदि की भी आवश्यकता होती है। मन्दसौर जिले में कहीं भी 16 अप्रैल से आज तक खुदरा किराना की दुकानें नही खोली गई हैं। ऐसे में मजदूर वर्ग के सामने पेट भरने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। इंटक प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मांग करता है कि मजदूर वर्ग के लिए योजना बनाकर उसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाये। हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलौया

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