कामगार कर रहें घर वापसी,प्रशासन के पास नहीं कोई जानकारी

कामगार कर रहें घर वापसी,प्रशासन के पास नहीं कोई जानकारी
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अनूपपुर, 14 अप्रैल (हि.स.)। गत वर्ष के कटु अनुभव को बड़े शहरों में काम के लिए जाने वाले लोगों ने भूले नहीं हैं। लाकडाउन का नाम सुनते ही सहम जाते हैं। देश भर में बढ़ते कोरोना मामले की वजह से फिर से बड़े शहरों में काम में जाने वालो ने घर वापसी शुरू कर दी हैं ताकि लंबा लॉकडाउन में वह फिर से जूझने के लिए विवश ना हो। प्रशासन के पास बाहर से आने वाले मजदूर अथवा अन्य नागरिकों की कोई जानकारी नहीं जुटाई जा रही है जिससे संक्रमण की रोकथाम शुरुआत में ही की जा सके। पिछले वर्ष लाकडाउन के दौरान बाहर रोजगार के लिए गए लोगों अचानक ट्रेन व अन्य साधन बंद हो जाने पर घर वापसी करने में बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ा था। जहां गत वर्ष करीब 7000 लोग राज्य के बाहर व राज्य के अंदर विभिन्न स्थानों पर रोजगार हेतु काम कर रहे थे वह वापस आए थे तब उनकी जांच पड़ताल पहले हुई थी फिर घर पर होमक्वारंटाइन किया गया था। जिला प्रशासन के पास आजतक ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि राज्य के बाहर अथवा राज्य के अंदर से आया हो। वर्तमान में बस और ट्रेन दोनों यात्री सेवाएं चल रही हैं जिससे लोग आ भी रहे है। जिले में लगातार बढ़ रहें कोरोना संक्रमण में अधिकांश गांव से भी आ रहे हैं। करण पठार का एक मजदूर जो रायपुर मजदूरी करने गया था वह लौटा, संक्रमित मिला जो वर्तमान में जिला चिकित्सालय में इलाजरत है। संक्रमण की रोकथाम के लिए रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड में आने जाने वालों की जानकारी रखी जानी जरूरी है पर ऐसा हो नहीं रहा है। रेलवे स्टेशन में थर्मल स्कैनिंग का कार्य भी पूरी तरह से ठप्प पड़ा हुआ है। ट्रेनों के समय भी स्वास्थ्य कर्मी मौजूद नहीं रहते और ना ही आने जाने वाले रेल यात्रियों की जानकारी एकत्रित करने कोई रजिस्टर रखा गया है। बस स्टैंड में भी कौन कहां से आ रहा है इसका कोई रिकॉर्ड संधारण नहीं किया जा रहा है। जिले के बाहर से आने वाले नागरिकों की जानकारी हेतु नगर निकाय और ग्राम पंचायत क्षेत्र में भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। संक्रमण की चैन रोकने के लिए शासन प्रशासन को उनके विषय में शुरू में ही जानकारी एकत्रित करनी होगी। जिले में कहां-कहां से प्रवासी मजदूर आ रहे हैं यह रिकॉर्ड अभी तक जनपद और जिला पंचायत के पास नहीं आ सका है। नगरिय क्षेत्र में भी कोई सूचना नहीं है। इस वर्ष जिले में भी कोई सूचना संकलन हेतु हेल्पलाइन नंबर भी नहीं शुरू किया गया है। अपर कलेक्टर सरोधन सिंह का कहना हैं कि क्वारंटाइन क्षेत्र अभी कहीं घोषित नहीं हुआ है। रेलवे स्टेशन में स्क्रीनिंग का कार्य करने स्वास्थ विभाग को निर्देशित किया गया है जानकारी ली जाएगी। मिलिंद नागदेवे जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से ली गई जानकारी के अनुसार अभी तक कोई प्रवासी मजदूर या राज्य के बाहर से नहीं आया है। पिछले बार से जो मजदूर आए थे उनके जॉब कार्ड चालू करकर उन्हें स्थानीय स्तर पर काम दिया गया बहुत कम लोग होंगे जो दोबारा जिले से बाहर गए। पंचायत स्तर पर बाहर से आने वाले लोगों की जानकारी हेतु सरपंच सचिव को निर्देशित किया गया है। आवश्यकता पडऩे पर जांच और क्वॉरेंटाइन सेंटर बनाने पर निर्णय लिया जाएगा। हिन्दुस्थान समाचार/ राजेश शुक्ला