फैसला: न्यायालय में झूठे साक्ष्य देने पर 3 वर्ष का सश्रम कारावास

फैसला: न्यायालय में झूठे साक्ष्य देने पर 3 वर्ष का सश्रम कारावास
verdict-3-years-rigorous-imprisonment-for-giving-false-evidence-in-court

मंदसौर 24 मार्च (हिस)। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी विश्वेश्वरी मिश्रा मंदसौर द्वारा न्यायिक कार्यवाही में चौकीदार द्वारा मिथ्या कथन देने पर आरोपी बंशीलाल पिता रतनलाल बागरी उम्र 62 साल निवासी ग्राम चंदवासा जिला मंदसौर को 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं पांच सौ रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया। मीडिया सेल प्रभारी नितेष कृष्णन द्वारा बताया गया कि माननीय न्यायालय चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश मंदसौर के समक्ष लंबित प्रकरण क्रमांक 95/08 थाना मल्हारगढ आरोपी धनराज आदि में अभियोजन साक्षी क्रमांक 7 बंशीलाल पिता रतनलाल बागरी उम्र 62 साल निवासी ग्राम चंदवासा जिला मंदसौर द्वारा माननीय चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश महोदय के न्यायालय में दिये गये कथन के प्रतिकूल कथन दिये गये। जिससे माननीय चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीशय द्वारा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को संबोधित करते हुये परिवाद प्रस्तुत किया गया। प्रेषित परिवाद क्रमांक 563ध्09 दिनांक 29.08.2009 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा दिनांक 01.09.2009 को आरोपी बंशीलाल पिता रतनलाल बागरी के विरूद्ध भा.द.स. की धारा 193 के अंतर्गत संज्ञान लेते हुये प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था। इसी मामले में आरोपी को सजा सुनाई गई है। हिन्दुस्थान समाचार/अशोक झलौया

अन्य खबरें

No stories found.