उज्जैन: रेमडेसिविर को लेकर नहीं मिल रही सही जानकारी, हो सकते हैं विवाद

उज्जैन: रेमडेसिविर को लेकर नहीं मिल रही सही जानकारी, हो सकते हैं विवाद
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29/04/2021 उज्जैन,29 अप्रैल (हि.स.)। शहर में रेमडेसिविर इंजेक्शन को लेकर बुधवार रात को निजी अस्पतालों में विवाद हुए। गुरुवार सुबह भी यही कहानी चलती रही। इधर परेशान होकर रात को ड्रग इंस्पेक्टर ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया। उनके निकटवर्ती सूत्रों के अनुसार लोगों के पास उनका नम्बर इतना आम हो गया कि हर कोई अपनी पीड़ा सुनाता है और हॉस्पिटल एवं मेडिकल स्टोर्स की शिकायत करता है। ऐसे में वे दूसरा काम नहीं कर पाते हैं। पिछले दो दिनों तक तो रेमडेसिविर इंजेक्शन शासन की ओर से उज्जैन जिले को मिले ही नहीं। बुधवार रात्रि में 80 इंजेक्शन आए,जिसमें से 30 चरक को ओर 50 शा.माधवनगर अस्पताल को वितरित किए गए। यहां भी जिन्हें बहुत आवश्यकता थी,उन्हीं को इंजेक्शन लगाया गया। अनेक मरीज शासकीय एवं निजी हॉस्पिटल में ऐसे हैं जिन्हे इंजेक्शन लग रहे हैं ओर तीन दिन से उनकी नियमितता गड़बड़ा गई है। इसके कारण उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि अभी भी निजी अस्पतालों के संचालकों के द्वारा पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। वहां संचालित मेडिकल स्टोर्स संचालकों द्वारा मनमानी की जा रही है। इनका कहना है ड्रग इंस्पेक्टर धरमसिंह कुशवाह के अनुसार जितनी डिमांड निजी अस्पताल भेजते हैं,उनको उपलब्धता अनुसार इंजेक्शन देते हैं। रात्रि में प्रत्येक निजी अस्पताल हमें सूची भेजता है कि किस मरीज को इंजेक्शन लगाया गया। हमें न तो नाम की सूची मिलती है और न ही हम नाम के अनुसार इंजेक्शन भेजते हैं। जिसे पहले आवश्यकता है,उसे लगे,इस बात का निर्देश जरूर देते हैं। किसी को शिकायत/समस्या है तो कलेक्टर सर को बता सकते हैं। हिंदुस्थान समाचार/ललित ज्वेल