बाणसागर बांध में पानी की निगरानी के लिये बनाये गये तीन केन्द्र

बाणसागर बांध में पानी की निगरानी के लिये बनाये गये तीन केन्द्र
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पूरे विन्ध्य क्षेत्र के लिये वरदान साबित हुआ बाणसागर बांध रीवा, 11 जून (हि.स.)। बाणसागर बांध रीवा जिले ही नहीं पूरे विन्ध्य क्षेत्र के लिये वरदान साबित हुआ है। बाणसागर बांध से हजारों हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होने के साथ बाढ़ पर भी नियंत्रण हुआ है। बाणसागर बांध में पानी की आवक की निगरानी के लिये तीन स्थानों पर केन्द्र स्थापित किये गये हैं। वर्षाकाल में इन केन्द्रों में हर घण्टे पानी की आवक की माप करके बाणसागर बांध में संचित हो रहे पानी की मात्रा का अनुमान लगाया जाता है। इन केन्द्रों में भारी वर्षा होने पर पानी की आवक तथा बाणसागर बांध की जल भराव क्षमता का आकलन करके उचित समय पर अतिरिक्त पानी बाहर निकालने के लिये बांध के गेट खोलने का निर्णय किया जाता है। इस संबंध में मुख्य अभियंता गंगा कछार सीएम त्रिपाठी ने हिस को बताया कि सोन नदी में रीवा-शहडोल मार्ग पर बाणसागर बांध से 90 किलोमीटर दूर दियापीपर में गेज एवं डिस्चार्ज साइट बनायी गई है। इससे बांध तक नदी की कुल लंबाई 164 किलोमीटर है। दियापीपर से पानी को बांध तक पहुंचने में लगभग 34 घंटे का समय लगता है। इसी तरह सोन नदी पर टिटका मोड़ से मानपुर मार्ग में 21 किलोमीटर की दूरी पर मसीरा घाट में पानी के आकलन के लिये केन्द्र स्थापित किया गया है। यहां से पानी लगभग 21 घंटे में बांध पहुंचता है। बाणसागर बांध में सोन की सहायक महानदी से भी बड़ी मात्रा में पानी की आवक होती है। महानदी में बरही-कटनी मार्ग पर बरही से 20 किलोमीटर दूर दरौरी घाट में केन्द्र बनाया गया है। इस स्थान के समीप ही उमरार तथा महानदी का संगम है। यहां से लगभग 22 घंटे में पानी बाणसागर बांध पहुंचता है। इन केन्द्रों में 24 घंटे कर्मचारी तैनात रहते हैं तथा वर्षाकाल में हर घंटे जल आवक की माप करके वायरलेस सेट के माध्यम से जानकारी बाणसागर बांध के मुख्य नियंत्रण कक्ष देवलौंद भेजते हैं। हिन्दुस्थान समाचार / विनोद शुक्ल