कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से पूछा सवाल, उनका सत्याग्रह किसके विरुद्ध है खुद की सरकार या जनता के?

कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से पूछा सवाल, उनका सत्याग्रह किसके विरुद्ध है खुद की सरकार या जनता के?
the-congress-asked-the-chief-minister-the-question-against-whom-is-his-satyagraha-against-his-own-government-or-the-people

भोपाल, 07 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह अपनी पार्टी की विचारधारा के विरुद्ध गांधी जी से प्रेरित होकर अहिंसक स्वास्थ्य आग्रह पर भोपाल में मास्क लगाने के लिए उपवास पर बैठे थे, तभी इंदौर में मास्क सरक जाने पर उनकी पुलिस एक नौजवान को हिंसक तरीके से पीट रही थी? उसका बच्चा गुहार लगाता रहा कि अंकल पापा को मत मारो। लेकिन पुलिस पर तो हिंसा चढ़ी हुई थी। यह कहना है प्रदेश कांग्रेस मीडिया उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता का। कांग्रेस नेता भूपेन्द्र गुप्ता ने बुधवार को मीडिया को जारी एक बयान में मुख्यमंत्री से पूछा है कि वे परीक्षण करवाएं कि गांधी जी से प्रेरित मुख्यमंत्री की नाक के नीचे उनका प्रशासन इतना क्रूर और बर्बर क्यों हो गया है? जो मास्क लगाने जैसी छोटी सी गलती की इतनी भयानक सजा देता है। लगता है प्रशासन सरकार की अराजकता के कारण अवसाद में चला गया है? मैं पूछना चाहता हूं कि आपकी सरकार का रवैया पुलिस को तनाव तो नहीं बांट रहा है? क्या आप के मंत्री उनसे ऐसे काम तो नहीं करवा रहे हैं जहां समाज के प्रति हिंसक होकर वे अपनी खीज मिटा रहे हैं? कांग्रेस नेता ने जानना चाहा है कि सत्याग्रह तो किसी के विरुद्ध किया जाता है तो उनका स्वास्थ्य आग्रह किसके खिलाफ है, अपनी ही सरकार के या जनता के? गुप्ता ने मांग की कि मुख्यमंत्री जी एक दिन का उपवास और सत्य के प्रति आग्रह प्रशासन को जनता से व्यवहार सिखाने के लिए भी करें। भूपेन्द्र गुप्ता ने कहा कि प्रतीत होता है कि अंतर प्रतिस्पर्धा से घायल भाजपा सरकार की अंतरकलह अब प्रशासनिक खींचतान में परिलक्षित होने लगी है। निर्दोष नागरिक इस हिंसक व्यवहार का शिकार हो रहे हैं। ऐसे कर्मचारी कानूनन सजा के पात्र तो हैं ही किंतु सरकार का भी दायित्व है कि इस अमानुषिक व्यवहार के कारणों का अध्ययन कर उपचार करवाये। हिन्दुस्थान समाचार/ नेहा पाण्डेय